क्राइम ब्रांच ने PLA के वांटेड उग्रवादी को किया गिरफ्तार, फर्जी पहचान से दिल्ली में छिपा था
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है.
आरोपी की पहचान 35 साल के आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी के रूप में हुई है, वो मणिपुर के थौबल थाने में UAPA के तहत दर्ज दो मामलों में वांटेड था.
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मणिपुर पुलिस को सौंप दिया है.
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मुताबिक इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को 3 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि PLA का एक वांछित सदस्य दिल्ली में मौजूद है, इसके आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई.
टीम ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाकर उसकी तलाश शुरू की.
जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन एम्स के आसपास मिली.
पुलिस टीम वहां पहुंची, लेकिन अस्पताल में इस नाम का कोई मरीज भर्ती नहीं मिला.
इसके बाद पुलिस ने यूसुफ सराय, सफदरजंग एन्क्लेव और ग्रीन पार्क के होटलों में तलाशी ली. आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई.
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि शुरुआत में आरोपी की तस्वीर उपलब्ध नहीं थी.
संदिग्ध को पुलिस ने किया गिरफ्तार
लगातार जांच और कई दिनों की कोशिशों के बाद पुलिस ने यूसुफ सराय इलाके से पूर्वोत्तर भारत के एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा.
पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान छिपाई और किसी भी उग्रवादी संगठन से संबंध होने से इनकार किया. इसके बाद उसकी तस्वीर मणिपुर पुलिस को भेजी गई.
मणिपुर पुलिस ने पुष्टि की कि पकड़ा गया व्यक्ति आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी ही है.
प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLA से जुड़ा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके चाचा PLA के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और बाद में वो खुद भी इस संगठन से जुड़ गया था.
पुलिस ने उसे प्रतिबंधित PLA/RPF का सक्रिय सदस्य बताया है.
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मणिपुर पुलिस को सौंपा
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर दिल्ली की क्राइम ब्रांच द्वारा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वांटेड उग्रवादी, आरके रेगन सिंह (उर्फ गांधी) की गिरफ्तारी के बारे में है। 35 वर्ष के इस सक्रिय सदस्य को फर्जी पहचान से दिल्ली में छिपा पाया गया और उसे मणिपुर पुलिस को सौंप दिया गया। यह घटना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी प्रयासों की दृढ़ता को दर्शाती है, क्योंकि PLA को 2019 में आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित किया गया था। आम जनता के लिए इसका मतलब है कि सरकार की जासूसी और पुलिस की कड़ी निगरानी से उग्रवादी नेटवर्क को
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
ग़लत पहचान से अपराध करने का साहस दिखाना समाज के मूल मूल्यों को तोड़ता है। हमें सच्ची पहचान, सत्यनिष्ठा और कानून के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए। जब कोई हिंसा या धोखाधड़ी के रास्ते पर चले, तो उसे शांतिपूर्ण संवाद, कानूनी सहायता और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में मोड़ना ज़रूरी है। हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह समाज की शांति और न्याय को बनाए रखे, ताकि हम एक सुरक्षित, सहिष्णु और समृद्ध भविष्य बना सकें।