कृषि अनुसंधान के परिणाम खेतों तक पहुंचाकर किसानों की आय बढ़ाना प्राथमिकता: विजय कुमार सिन्हा

Marking : Lead All कृषि अनुसंधान के परिणाम खेतों तक पहुंचाकर किसानों की आय बढ़ाना प्राथमिकता: विजय कुमार सिन्हा ICAR बैठक में कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने मखाना अनुसंधान, जलवायु अनुकूल खेती और डिजिटल कृषि पर जोर दिया। 20 अगस्त से जनकल्याण संवाद अभियान शुरू होगा।
19 अगस्त , नई दिल्ली/पटना (नई दिल्ली/पटना , बिहार) : बीते मंगलवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की 97वीं वार्षिक आम बैठक में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीक का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय राज्य मंत्री तथा विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री और संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में बिहार की कृषि परिस्थितियों और किसानों की जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है।
वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और कृषि निर्यात से जोड़कर किसानों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कम वर्षा के बावजूद बिहार में 93 प्रतिशत से अधिक धान की रोपाई पूरी हो चुकी है और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने की दिशा में कार्य तेजी से जारी है।
मखाना अनुसंधान और निर्यात पर जोर कृषि मंत्री ने बिहार के प्रमुख कृषि उत्पाद मखाना की उन्नत किस्मों के विकास, वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक, यंत्रीकरण, मूल्य संवर्धन और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए ICAR स्तर पर विशेष अनुसंधान की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि बिहार के विशिष्ट कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार तथा अनुसंधान संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। जलवायु अनुकूल फसलों को बढ़ावा
बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक चुनौतियों को देखते हुए उन्होंने जलवायु अनुकूल तथा कम अवधि में तैयार होने वाली फसल किस्मों के विकास पर बल दिया। साथ ही डिजिटल कृषि तकनीकों को छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचाने तथा महिला किसानों और युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने बीज उत्पादन और प्राकृतिक खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अनुदान की जरूरत बताई। रसायनमुक्त सब्जी, फल, दलहन और तिलहन उत्पादन के लिए प्रशिक्षण, अनुदान, बाजार की उपलब्धता और किसानों को उचित मूल्य दिलाने पर भी जोर दिया। कृषि शिक्षित युवाओं और सहकारिता को प्राथमिकता
विजय कुमार सिन्हा ने कृषि शिक्षा प्राप्त युवाओं को कृषि एवं कृषि उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं में प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कृषि शिक्षा प्राप्त युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम कर रही है।
लघु एवं सीमांत किसानों को संगठित और सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों की भूमिका बढ़ाने पर भी उन्होंने जोर दिया। इससे किसानों को कृषि इनपुट, सरकारी योजनाओं, उत्पादन और विपणन में सामूहिक लाभ मिल सकेगा। 20 अगस्त से शुरू होगा जनकल्याण संवाद अभियान
कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में ‘किसान कृषि, महिला उद्यम, युवा रोजगार एवं श्रमिक उत्थान सह जनकल्याण संवाद अभियान’ की शुरुआत की जा रही है। अभियान का शुभारंभ 20 अगस्त को बामेती में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया जाएगा।
अभियान के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, कृषि आधारित रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया जाएगा।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि अनुसंधान का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उसकी तकनीक और परिणाम खेत तक पहुंचें। ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ के संकल्प के साथ कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, कृषि उद्यमिता और निर्यात से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक का लाभ अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुंचाना है। इससे किसानों की उत्पादकता और आय में स्थायी सुधार के साथ आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बिहार के निर्माण को गति मिलेगी। इस स्टोरी फोल्डर में : फोटो
Caption : ICAR बैठक में कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने मखाना अनुसंधान, जलवायु अनुकूल खेती और डिजिटल कृषि पर जोर दिया। 20 अगस्त से जनकल्याण संवाद अभियान शुरू होगा।