कृषि में नई तकनीकों पर 21 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
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जोबनेर में सतत कृषि उत्पादन को लेकर 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर से 82 से अधिक वैज्ञानिक एवं प्रतिभागी शामिल हुए। प्रशिक्षण में एआई, ड्रोन, अंतरिक्ष तकनीक, जलवायु परिवर्तन और एकीकृत कृषि प्रणाली जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी।
जोबनेर/जयपुर ग्रामीण, 6 अक्टूबर। श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर एवं एनएडीसीएल, बारामूला के संयुक्त तत्वावधान में “सतत कृषि उत्पादन के लिए कृषि एवं संबद्ध विज्ञान में नवीन प्रगति” विषय पर 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में देशभर से 82 से अधिक वैज्ञानिक एवं प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान कृषि एवं संबद्ध विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन व्याख्यान और तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर निदेशक पीएमई डॉ. एन.के. गुप्ता, निदेशक एचआरडी डॉ. ए.सी. शिवरान, अधिष्ठाता डॉ. एल.आर. यादव, कार्यक्रम आयोजक सचिव डॉ. उपेंद्र सिंह, एनएडीसीएल बारामूला के नदीम रियाज सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, ड्रोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कृषि में नई तकनीकों का विकास और उपयोग किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। ड्रोन, एआई और अंतरिक्ष आधारित तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से किसानों को समय पर सटीक एवं उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
निदेशक पीएमई डॉ. एन.के. गुप्ता ने नवीनतम ज्ञान और तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं निदेशक एचआरडी डॉ. ए.सी. शिवरान ने वैज्ञानिकों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान को महत्वपूर्ण बताया। अधिष्ठाता डॉ. एल.आर. यादव ने वैज्ञानिकों, शिक्षकों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम आयोजक सचिव डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि 21 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान एआई, फसलोत्तर प्रबंधन, एकीकृत कृषि प्रणाली, मत्स्यपालन, जलवायु परिवर्तन और कृषि में नवाचार सहित कई समसामयिक विषयों पर देश-विदेश के विशेषज्ञ वैज्ञानिक ऑनलाइन व्याख्यान देंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक ज्ञान को बढ़ावा देकर सतत कृषि उत्पादन की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. मोहित कुमार ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
बाइट-01-डॉ एलआर यादव- अधिष्ठाता श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि महाविद्यालय जोबनेर।
बाइट-02- डॉ. उपेंद्र सिंह - कार्यक्रम प्रभारी।