कृषि उपज की पूरी मूल्य श्रृंखला मजबूत करने पर जोर, जयपुर में एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स के विकास को लेकर मुख्य सचिव ने ली समीक्षा बैठक
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जयपुर, 9 सितंबर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कृषि उपज को प्रोसेसिंग और बाजार की मांग से जोड़कर किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य दिलाने पर जोर दिया है। वह बुधवार को जयपुर में एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स के विकास को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में हितधारकों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने खेत से बाजार तक कृषि उपज की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने छंटाई, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग, परिवहन, आपूर्ति और ब्रांड निर्माण से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के साथ किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी।
बैठक में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने बताया कि प्रदेश में 39 फूड पार्क प्रस्तावित हैं, जिनमें से 35 स्थानों पर भूमि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि मूंग, सरसों, सोयाबीन, अनार, ईसबगोल और जीरा सहित 10 प्रमुख कृषि उत्पादों के लिए एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि क्लस्टर्स के विकास के लिए फसल और जिलेवार मैपिंग भी की गई है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कृषि उपज की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना, यानी खेत से लेकर बाजार तक के सभी चरणों को जोड़ना, एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स के माध्यम से, आज जयपुर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा जोर दिया गया। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिल सकता है और कृषि क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। यदि यह योजना सफल होती है तो किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उपभोक्ताओं को ताजा एवं सस्ते उत्पाद मिलेंगे। इससे ग्रामीण-शहरी आर्थिक संतुलन में सुधार की