'कृष्ण भक्ति' में रंगे वॉर्नर, जन्माष्टमी पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर की पोस्ट वायरल
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर भी 'कृष्ण भक्ति' में रंगे नजर आए. उन्होंने जन्माष्टमी के मौके पर बड़ी ही दिलचस्प पोस्ट शेयर की. भारत के लिए वॉर्नर का प्यार जगजाहिर है. उन्हें अक्सर भारत से जुड़ी चीजें शेयर करते हुए देखा जाता है. साउथ सिनेमा के भी वह दीवाने हैं. अब उन्होंने कान्हा जी की भक्ति में खुद को दिखाया.
जन्माष्टमी पर डेविड वॉर्नर का पोस्ट वॉर्नर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर जन्माष्टमी से जुड़ी पोस्ट शेयर की. इसमें मजे की बात यह रही है कि उनकी शेयर की हुई पोस्ट में हिंदी में लिखा था, "जय श्री कृष्ण जन्माष्टमी." इसके साथ तस्वीर में कान्हा जी बांसुरी बजाते हुए बने हुए थे.
DAVID WARNER INSTAGRAM STORY ON LORD KRISHNA JANMASHTAMI. ❤️🙏 pic.twitter.com/5XESy3zF42 Tanuj (@ImTanujSingh) September 4, 2026 डेविड वॉर्नर सोशल मीडिया पर एक्टिव
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वॉर्नर सोशल मीडिया पर ज्यादा ही एक्टिव नजर आने लगे हैं. हालांकि वह पहले भी एक्टिव रहते थे. अभी उन्होंने बाकी क्रिकेट खेलना जारी रखा है, जिसमें दुनियाभर में होने वाली टी20 लीग्स शामिल हैं.
लीग्स और बाकी टूर्नामेंट खेलने के साथ वह इंस्टग्राम पर वीडियो भी शेयर करते रहते हैं. फैंस को भी उनकी बनाई हुई रील्स काफी पसंद आती हैं. वह अपनी बेटियों के साथ भी काफी रील्स बनाते हैं. उन्हें इंस्टाग्राम पर 10 मिलियन से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं. डेविड वॉर्नर का अंतर्राष्ट्रीय करियर
वॉर्नर ने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 112 टेस्ट, 161 वनडे और 110 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं. टेस्ट की 205 पारियों में उन्होंने 44.59 की औसत से 8786 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 37 अर्
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
डेविड वॉर्नर, ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध क्रिकेटर, ने जन्माष्टमी पर कृष्ण भक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा दर्शाते हुए एक रंगीन पोस्ट साझा की। यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय सितारे भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति गहरी प्रशंसा रखते हैं। खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह वैश्विक स्तर पर भारतीय सांस्कृतिक प्रभाव को उजागर करती है और यह दर्शाती है कि कैसे धर्म और खेल का संगम लोगों को जोड़ता है। इस प्रकार के पोस्ट से भारतीय संस्कृति के प्रति अंतरराष्ट्रीय जागरूकता बढ़ती है, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और