क्रू मेंबर ने लिखा था बम की धमकी वाला नोट? हैंडराइटिंग की जांच तेज
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सऊदी अरब के दम्माम से दिल्ली आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में बम की धमकी वाला नोट मिलने के मामले में जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. जांच एजेंसियों को एक क्रू मेंबर की हैंडराइटिंग धमकी वाले नोट से काफी हद तक मिलती हुई मिली है. इसके बाद इस क्रू मेंबर से पूछताछ की जा रही है.
लेकिन बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है- क्या धमकी वाला नोट इसी क्रू मेंबर ने लिखा था? फिलहाल जांच एजेंसियां किसी नतीजे पर नहीं पहुंची हैं. एक यात्री भी शक के घेरे में है. 31 अगस्त को क्या हुआ था? दम्माम से दिल्ली आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट 31 अगस्त को सऊदी अरब से रवाना हुई थी.
फ्लाइट को दिल्ली पहुंचना था लेकिन रास्ते में विमान के टॉयलेट से एक टिश्यू पेपर मिला. इस टिश्यू पेपर पर बम की धमकी लिखी थी. साथ ही एक डिब्बे जैसी आकृति भी बनाई गई थी. धमकी मिलने के बाद विमान को दिल्ली ले जाने के बजाय अहमदाबाद डायवर्ट कर दिया गया. विमान शाम करीब साढ़े चार बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा.
विमान में सवार सभी 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसके बाद यात्रियों, क्रू और विमान की गहन जांच की गई लेकिन कोई बम या संदिग्ध सामान नहीं मिला. टिश्यू पेपर बना जांच की सबसे बड़ी कड़ी
बम नहीं मिला लेकिन जांच एजेंसियों के हाथ एक अहम सुराग लग गया- वही टिश्यू पेपर जिस पर धमकी लिखी गई थी. एजेंसियों ने विमान में सवार सभी 40 लोगों के हैंडराइटिंग सैंपल लिए. इनमें 32 यात्री, 4 केबिन क्रू और 4 पायलट शामिल थे.
जांच को ज्यादा सटीक बनाने के लिए वैसा ही टिश्यू पेपर और उसी रंग का पेन भी इस्तेमाल किया गया ताकि लोगों की लिखावट की धमकी वाले नोट से तुलना की जा सके. एक क्रू मेंबर की लिखावट क्यों बनी सवाल? सूत्रों के मुताबिक जांच में एक क्रू मेंबर की लिखावट धमकी वाले नोट से काफी हद तक मिलती दिखाई दी.
अलग-अलग रिपोर्ट्स में इस लिखावट के मैच को करीब 60 से 75 फीसदी तक बताया गया है.
📡 स्रोत: ABP Live
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा की अनदेखी न करें, क्योंकि यह न केवल यात्रियों की जान बचाती है बल्कि समाज की समग्र शांति भी सुनिश्चित करती है। जब किसी भी प्रकार का खतरा महसूस हो, तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें और शांत रहकर सहयोग करें। इस घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि सचेत और जिम्मेदार व्यवहार से हम हिंसा को रोक सकते हैं और एक सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं।