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ऑक्टेव 2026 में दिखी नॉर्थ ईस्ट की सांस्कृतिक विरासत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ऑक्टेव 2026 में दिखी नॉर्थ ईस्ट की सांस्कृतिक विरासत

आठ राज्यों के पारंपरिक परिधानों ने मोहा मन, मणिपुरी रास और लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक

जयपुर, 3 अक्टूबर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से आरआईसी के सहयोग से आयोजित ‘ऑक्टेव 2026’ के दूसरे दिन पूर्वोत्तर भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। कॉस्ट्यूम शो, मणिपुरी रास और आठ राज्यों की संयुक्त कोरियोग्राफिक प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।

कॉस्ट्यूम शो में पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के पारंपरिक परिधानों को मंच पर प्रदर्शित किया गया। युवक-युवतियों ने अलग-अलग राज्यों की हस्तनिर्मित पोशाकें पहनकर प्रस्तुति दी। एक साथ मंच पर आए सभी मॉडलों ने पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक परिधानों की खूबसूरती को दर्शाया।

इसके बाद मणिपुरी रास की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। श्रीकृष्ण की मुरली की धुन, राधा और गोपियों का आगमन तथा रासलीला के प्रसंगों को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया। पुंग और करताल की संगत, मणिपुरी वेशभूषा और भाव-भंगिमाओं ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया। अंतिम चरण में राधा-कृष्ण की आरती के दृश्य ने आध्यात्मिक वातावरण बना दिया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की संयुक्त कोरियोग्राफिक प्रस्तुति रही। इसमें अरुणाचल प्रदेश के ताई खेमती और जुजु-जाजा, मणिपुर के पुंग ठोल चोलम, थांगटा और लाई हारोबा, त्रिपुरा के होजागिरी और ममिता, सिक्किम के तमंग सेलो और सिंघी छम, मेघालय के वांगला, असम के बारदोई सिखला और बिहू, मिजोरम के चेराव और सरलामकाई तथा नागालैंड के पारंपरिक वार डांस की प्रस्तुतियां शामिल रहीं।

इन प्रस्तुतियों में कहीं कृषि और प्रकृति के प्रति आभार, कहीं धार्मिक परंपराएं तो कहीं युद्ध कौशल और सामुदायिक जीवन की झलक देखने को मिली। विशेष रूप से होजागिरी में संतुलन कौशल, मिजोरम के चेराव में बांस के साथ तालमेल और नागा वार डांस में युद्ध कौशल ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने आईएएस नवीन जैन, प्रो. मायारानी टाक, संस्कृति मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी लक्ष्मी कांत मंडल और डब्ल्यूजेडसीसी के पूर्व निदेशक देवेंद्र कुमार धोदावत का अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया। संयुक्त कोरियोग्राफिक प्रस्तुति का निर्देशन प्रसिद्ध कोरियोग्राफर प्रो. तरुण प्रधान ने किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।