कुल्हाड़ी के वार से हत्या, आरोपी को उम्रकैद, पिपरा चदेरी हत्याकांड में अदालत का फैसला
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हरवान कोरी की हत्या के मामले में प्रकाश दोषी करार, 5 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया; राशि जमा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास
पिछोर/खनियाधाना। ग्राम पिपरा चदेरी में वर्ष 2025 में हुई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय पिछोर ने आरोपी प्रकाश पिता बल्ला उर्फ बल्ली को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश पिछोर किशोर कुमार गेहलोत की अदालत ने 9 सितंबर 2026 को सुनाया। मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अमित कुमार वर्मा ने पैरवी की।
न्यायालयीन रिकॉर्ड के अनुसार घटना 6 मई 2025 को ग्राम पिपरा चदेरी में हुई थी। अभियोजन के अनुसार आरोपी प्रकाश का मृतक हरवान कोरी से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान गाली-गलौज के बाद मामला बढ़ गया और प्रकाश ने कुल्हाड़ी से हरवान पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर चोट लगने के बाद हरवान की मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए और कुल्हाड़ी सहित अन्य वस्तुओं की जब्ती की गई। पुलिस ने जांच से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 14 साक्षियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। इनमें प्रत्यक्षदर्शी और पंच साक्षियों के अलावा पुलिसकर्मी तथा चिकित्सकीय साक्षी भी शामिल रहे। अभियोजन ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने का प्रयास किया।
न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्क सुनने के बाद मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों का परीक्षण किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने प्रकाश को हत्या के अपराध का दोषी माना।
अदालत ने प्रकाश पिता बल्ला उर्फ बल्ली को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने आरोपी द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को कानून के अनुसार सजा में समायोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही निर्णय की सत्यप्रतिलिपि संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
करीब डेढ़ साल पुराने इस हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिली है। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और पूरे प्रकरण के परीक्षण के बाद यह फैसला सुनाया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कुल्हाड़ी के वार से हुई हत्या के मामले में, पिपरा चदेरी गाँव के आरोपी प्रकाश पिता बल्ला को अपर सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास और पाँच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह घटना 2025 में हुई और इसमें पीड़ित हरवान कोरी को मार डाला गया था। इस निर्णय की महत्ता इस बात में है कि यह हिंसा के प्रति न्यायालय की कठोर रुख दिखाती है और समाज में न्याय के प्रति विश्वास जगाती है। आम जनता के लिए यह संदेश है कि अपराध करने पर कड़ी सजा होगी, जिससे अपराध की रोकथाम और सामाजिक शांति बनी रहेगी।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
पीड़ित के प्रति गहरी संवेदना के साथ, यह घटना हमें याद दिलाती है कि हिंसा का कोई विकल्प नहीं है। संघर्षों को शांतिपूर्ण संवाद, कानूनी मार्ग और सहानुभूति से सुलझाया जाना चाहिए। समाज को एकजुट होकर सहनशीलता, शिक्षा और न्याय के प्रति जागरूकता बढ़ानी चाहिए। केवल कानून और सहानुभूति के माध्यम से ही हम एक सुरक्षित, समृद्ध और मानवीय समाज का निर्माण कर सकते हैं।