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कुल्लू की 2235 महिलाओं को बाजार उपलब्ध करवा रही द माउंटेन यार्न मल्टीपरपज सोसायटी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कुल्लू की 2235 महिलाओं को बाजार उपलब्ध करवा रही द माउंटेन यार्न मल्टीपरपज सोसायटी

जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर मैदान में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव संपन्न होने के बाद भी व्यापारिक मेला जारी है। मेले में विभिन्न प्रकार के उत्पादों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसी बीच प्रदर्शनी मैदान में द माउंटेन यार्न मल्टीपरपज सोसायटी का स्टॉल भी लोगों का ध्यान खींच रहा है।

इस सोसायटी के माध्यम से कुल्लू के ग्रामीण क्षेत्रों की 2235 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो घरों में तैयार किए गए हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवा रही हैं।सोसायटी के स्टॉल पर महिलाओं द्वारा तैयार की गई ऊनी जुराबें, दस्ताने और क्रोशिया से बने विभिन्न प्रकार के उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं।

सोसायटी से कुल्लू, नग्गर और भुंतर विकास खंडों के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं। सोसायटी की खास बात यह है कि महिलाओं से उनके उत्पाद उचित कीमत पर खरीदे जाते हैं और बिक्री से होने वाले मुनाफे को भी सभी सदस्यों में बांटा जाता है।

सोसायटी से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि पहले उनके पास हुनर तो था, लेकिन उत्पादों को बेचने के लिए उचित बाजार उपलब्ध नहीं था। इसके चलते उन्हें अपने उत्पाद स्थानीय स्तर पर कम कीमतों पर बेचने पड़ते थे। सोसायटी के गठन के बाद उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच मिल रहा है। करीब एक साल पहले शुरू हुई इस सोसायटी ने दिल्ली में भी अपना स्टॉल लगाया था, जहां उन्हें अच्छा प्रतिसाद मिला।

अब दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के दौरान ढालपुर में स्टॉल लगाकर महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है।सोसायटी की अध्यक्ष रितु ने बताया कि एक वर्ष पहले गठित इस सोसायटी से आज 2235 महिलाएं जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के पास पहले से ही हुनर मौजूद है, लेकिन उन्हें सही मंच और बाजार की जरूरत है।

सोसायटी का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जाए और उनके उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित की जाए। महिलाओं को उनके उत्पादों की अच्छी कीमत देने के साथ बिक्री से होने वाला मुनाफा भी सभी सदस्यों में बराबर बांटा जाता है। इसके अलावा महिलाओं को हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि वे अपने हुनर को निखारकर आत्मनिर्भर बन सकें।

वहीं, सोसायटी से जुड़ी नग्गर खंड की महिला गीता ने बताया कि वह क्रोशिया से विभिन्न उत्पाद तैयार करती हैं। सोसायटी से जुड़ने के बाद उन्हें अपने उत्पादों के लिए नया बाजार मिला है और आर्थिक रूप से भी लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि सोसायटी के माध्यम से होने वाले मुनाफे में सभी महिलाओं को बराबर हिस्सा दिया जाता है।भुंतर खंड की महिला द्रोपदी ने बताया कि पहले वह घर पर उत्पाद तैयार तो करती थीं, लेकिन उन्हें बेचने के लिए उचित बाजार नहीं मिल पाता था।

अब सोसायटी से जुड़ने के बाद उनके उत्पाद अच्छे दामों पर बिक रहे हैं। वह अन्य महिलाओं को भी सोसायटी से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं, ताकि ग्रामीण महिलाएं घर बैठे अपने हुनर के माध्यम से अच्छी आमदनी अर्जित कर सकें।

बाइट. रितु, अध्यक्ष, द माउंटेन यार्न मल्टीपरपज सोसायटी

बाइट. . गीता, सोसायटी सदस्य, नग्गर खंड बाइट. . द्रोपदी, सोसायटी सदस्य, भुंतर खंड

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।