कुपोषित बच्चों के घर पहुंचकर जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने पोषण पोटली वितरित की
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बस्ती में कुपोषित बच्चों के पोषण प्रबंधन हेतु संचालित-सुपोषित बस्ती अभियान के अन्तर्गत कनोक द डोर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के चिन्हित सभी गम्भीर कुपोषित बच्चों के घर जनपद/ब्लॉक/ग्राम स्तरीय अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर अतिरिक्त आहार (दूध, केला, सत्तू, अण्डा, चिक्की आदि) से तैयार पोषण पोटली प्रदान की गयी।
उक्त क्रम में बच्चों के परिवार से संवाद स्थापित कर सम्पूरक एवं सुपोषित आहार हेतु, निर्धारित डाइट चार्ट भी उपलब्ध कराया गया तथा परिवार को पोषण परामर्श प्रदान किया गया। जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना एवं पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह द्वारा ग्राम कोठिली, विकास खण्ड सल्टौआ गोपालपुर के 02 गम्भीर कुपोषित बच्चों कुमारी प्रियांशी पुत्री सविता एवं विनय पुत्र रीमा को पोषण पोटली प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने दोनों बच्चों के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए स्वस्थ्य रहने का शुभाशीष दिया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार एवं विभागीय स्टाफ उपस्थित रहें। मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल द्वारा ग्राम पंचायत खानकला, विकास खण्ड विक्रमजोत के 03 गम्भीर कुपोषित बच्चों क्रमशः मोहम्मद पुत्र साहिबा खातून, कुमार रिशभ पुत्र रीना देवी, कुमार शैलेश पुत्र मीना देवी के घर भ्रमण कर पोषण पोटली प्रदान करते हुए बच्चों के परिवार को पोषण परामर्श प्रदान किया गया।
उक्त क्रम में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ समस्त खण्ड विकास अधिकारियों एवं उनकी टीम द्वारा पृथक-पृथक ग्राम पंचायत का भ्रमण कर चिन्हित बच्चों को पोषण पोटली प्रदान की गयी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जनपद में गम्भीर कुपोषित बच्चों के प्रबंधन हेतु सुपोषित बस्ती अभियान संचालित है, जिसका प्रथम चरण माह जून-2026 में प्रारम्भ किया गया था।
द्वितीय चरण में पुनः माह सितम्बर-2026 में 2250 बच्चे चिन्हित हुये हैं |
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
कुपोषण से जूझते बच्चों के लिए पोषण पोटली बाँटना एक समाजिक जिम्मेदारी है। जब अधिकारी घर-घर जाकर आहार पहुँचाते हैं, तो यह दिखाता है कि सच्ची सहायता संवाद और सहानुभूति से शुरू होती है। हमें भी अपने आस-पास के कमजोर वर्गों की पहचान कर, उनके लिए समय और संसाधन समर्पित करना चाहिए। छोटे-छोटे कदम मिलकर समाज को स्वस्थ, समावेशी और समृद्ध बनाते हैं।