कुशीनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.21 लाख मामले निपटे:9.63 करोड़ की टोकन मनी वसूली, 1.56 करोड़ मुआवजा और 10 दंपतियों के विवाद खत्म
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →कुशीनगर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,21,108 मामलों का निपटारा किया गया। 12 सितंबर को हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,20,953 मामले निपटाए गए। वहीं, 9 से 11 सितंबर तक चली विशेष लोक अदालत में 155 छोटे आपराधिक मामलों का निस्तारण किया गया। देर शाम जारी सूचना के मुताबिक विभिन्न मामलों में 9.63 करोड़ रुपये से अधिक की टोकन मनी वसूली गई।
इसके अलावा 28 मोटर दुर्घटना क्लेम मामलों में मृतकों और घायलों के परिवारों को 1.56 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित लोक अदालत का इंतजाम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया था। कुशीनगर के प्रशासनिक न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा और जनपद न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी ने दीप जलाकर और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर लोक अदालत का उद्घाटन किया।
लोक अदालत में फौजदारी के 7,057 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में जुर्माने के तौर पर 1,18,235 रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए गए। पारिवारिक अदालतों में 102 मामले, राजस्व के 1,190 मामले, बिजली बिल से जुड़े 112 मामले और 44 श्रम विवाद भी आपसी समझौते से खत्म किए गए। पारिवारिक विवादों के निपटारे का भावनात्मक पहलू भी सामने आया।
परिवार न्यायालय में चल रहे विवादों को आपसी समझौते से खत्म किया गया। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने 6 और अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने 4 दंपतियों के विवाद सुलझाए। इसके बाद सभी 10 दंपतियों को पति-पत्नी के रूप में साथ जीवन बिताने के लिए अदालत परिसर से विदा किया गया।
बैंकों ने प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंक लोन से जुड़े 2,048 मामलों का निपटारा किया। इसमें लोन लेने वालों से 9,63,39,072 रुपये की टोकन मनी वसूली गई। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में लंबित मामलों को समझौते के आधार पर खत्म कर लोगों को तुरंत राहत दी गई। लोक अदालत के अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए।
स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड भी दिए गए। अधिकारियों ने लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आगमन पर 50वीं बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने पाइलेटिंग की। कार्यक्रम में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के प्रचार-प्रसार के लिए केले से निर्मित उत्पादों का स्टॉल भी लगाया गया।
वादकारियों को पैरा लीगल वालंटियर्स की ओर से विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
कुशीनगर की लोक अदालत की इस उपलब्धि से हमें यह सिखने को मिलता है कि कानूनी मार्ग अपनाकर विवादों का समाधान संभव है। जब घरेलू या वित्तीय मतभेद हों, तो नाकामयाबी के बजाय न्यायालय की सहायता लें, ताकि दोनों पक्षों को न्याय मिले और समाज में शांति बनी रहे। हिंसा के बजाय संयम और संवाद से ही हम एक सुरक्षित, सहानुभूति-पूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।