क्वार्सी से एटा चुंगी तक 6.2 किमी लंबा नाला बनेगा:105.28 करोड़ की परियोजना की डीपीआर फाइनल, सोमवार को शासन भेजेगा नगर निगम
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →बारिश के दौरान शहर में होने वाले जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने बड़े ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। 105.28 करोड़ रुपए की लागत से क्वार्सी चौराहे से एटा चुंगी मार्ग होते हुए बोनेरे कट नाले तक 6.2 किलोमीटर लंबा आरसीसी ड्रेन बनाया जाएगा। परियोजना की डीपीआर लगभग फाइनल हो चुकी है।
नगर निगम इसे सोमवार को शासन के अनुमोदन के लिए भेजने की तैयारी में है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग की अर्बन फ्लड/जलप्लावन नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत स्वीकृत हुई है। पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय शीर्ष समिति (SLAC) की बैठक में अलीगढ़ नगर निगम की ओर से प्रस्तुत इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी।
इसके बाद अब नगर निगम ने डीपीआर को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। नगर आयुक्त ने टीम के साथ किया मौके पर सत्यापन शुक्रवार दोपहर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने प्रस्तावित ड्रेनेज रूट का भौतिक सत्यापन किया। वह सीएनडीएस जल निगम, नगर निगम निर्माण विभाग, अलीगढ़ स्मार्ट सिटी और सिविल इंजीनियरिंग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
टीम ने प्रस्तावित नाले के रूट, मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था, कलवर्ट और पानी की निकासी से जुड़ी तकनीकी जरूरतों का निरीक्षण किया। नगर निगम की योजना के मुताबिक क्वार्सी चौराहे से जाफरी ड्रेन स्थित मौजूदा कलवर्ट होते हुए एटा चुंगी मार्ग और आगे बोनेरे कट नाले तक करीब 6.2 किलोमीटर लंबा आरसीसी ड्रेन तैयार किया जाएगा।
इसका मकसद बारिश के पानी को तेजी से निकालने के लिए शहर के स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करना है। जलभराव के साथ ट्रैफिक की समस्या में भी सुधार की उम्मीद अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में पानी की निकासी प्रभावित होने से जलभराव की स्थिति बनती है।
प्रस्तावित आरसीसी ड्रेन बनने के बाद वर्षा जल की निकासी को अधिक वैज्ञानिक और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। इससे जलभराव की समस्या कम होने के साथ खुले नालों से जुड़ी दिक्कतों और बारिश के दौरान यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले असर में भी सुधार की उम्मीद है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जा रही हैं।
डीपीआर तैयार है और सोमवार को इसे शासन के समक्ष अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। शासन की मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि करीब 6.2 किलोमीटर लंबे इस आरसीसी ड्रेन के तैयार होने से शहर की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
परियोजना पूरी होने के बाद बारिश के पानी की निकासी का नेटवर्क अधिक प्रभावी होगा और दशकों पुरानी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
📡 स्रोत: NewsData.io