क्या आपके किचन में भी है Everest का जीरा? अलर्ट जारी, तुरंत चेक करें ये बैच नंबर
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अगर आपके किचन में Everest का जीरा पाउडर रखा है, तो इस्तेमाल करने से पहले एक बार उसका बैच नंबर जरूर चेक कर लें.
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कीटनाशक अवशेष तय सीमा से ज्यादा मिलने के बाद Everest के एक बैच के जीरा पाउडर को बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया है.
इसलिए अगर आपके पास भी यह प्रोडक्ट है, तो उसके पैकेट पर दी गई जानकारी जरूर जांच लें.
FSSAI के मुताबिक, जीरा पाउडर के सैंपल की जांच के दौरान एजोक्सिस्ट्रोबिन और थियामेथोक्सम नाम के कीटनाशकों के अवशेष तय लिमिट से ज्यादा पाए गए.
इसके बाद संबंधित उत्पाद को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत असुरक्षित माना गया और पूरे बैच को हटाने का निर्देश दिया गया.
किस Everest जीरा पाउडर को किया गया रिकॉल?
FSSAI ने बैच नंबर E080668761 वाले Everest प्री-पैक्ड जीरा पाउडर के खिलाफ कार्रवाई की है.
इस बैच की जांच में कीटनाशक अवशेष निर्धारित अधिकतम सीमा से ज्यादा पाए गए.
ऐसे में अगर आपके घर में Everest जीरा पाउडर है, तो पैकेट पर लिखे बैच नंबर को जरूर चेक करें. अगर बैच नंबर E080668761 है, तो उसका इस्तेमाल न करें.
कहां से लिया गया था जीरा पाउडर का सैंपल?
FSSAI ने गोवा स्थित मेसर्स रिवरसाइड रिसॉर्ट्स एंड हॉलिडे होम्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर से प्री-पैक्ड जीरा पाउडर का नियामक से सैंपल लिया था.
सैंपल की जांच में कमियां पाने के बाद नमूने को रेफरल खाद्य प्रयोगशाला में भी भेजा गया.
FSSAI ने क्यों लिया यह फैसला?
FSSAI की ओर से बताया गया कि खाद्य कारोबारी को शुरुआती जांच के निष्कर्षों के खिलाफ अपील करने का मौका दिया गया था. इसके बाद सैंपल को रेफरल फूड लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजा गया.
वहां की जांच के आधार पर पूरे बैच को वापस लेने का फैसला किया गया.
<a href="https://www.abplive.com/business/maharashtra-fda-tightens-checks-on-prote
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर Everest ब्रांड के जीरा पाउडर के एक बैच में कीटनाशक अवशेष की सीमा से अधिक पाए जाने के कारण FSSAI द्वारा बाजार से वापस लेने के आदेश पर आधारित है। यह विषय खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि बड़े ब्रांडों के उत्पादों में भी हानिकारक रासायनिक स्तर हो सकते हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खतरा मंडराता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि उपभोक्ताओं को अपने घर में मौजूद उत्पादों के बैच नंबर चेक करने की आवश्यकता होगी, और यदि वही बैच म