क्या भारत में ट्रंप टावर्स के मालिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं?
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मिड-टर्म चुनावों में अपनी पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अमेरिकी राजनीति में चर्चाओं से घिरे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बिजनेस साम्राज्य की चर्चा हो रही है.
मुंबई, गुरुग्राम, बेंगलुरु और पुणे जैसे भारत के बड़े शहरों में आपने ट्रंप टावर्स देखे होंगे. लेकिन क्या यह टावर्स सच में डोनाल्ड ट्रंप के हैं? जानिए इसकी सच्चाई क्या है.
भारत में ट्रंप टावर्स प्रोजेक्ट्स ब्रांड लाइसेंसिंग मॉडल पर आधारित है.
ऐसे में भारत में स्थित 'ट्रंप टावर्स' के मालिक डोनाल्ड ट्रंप या उनकी कंपनी नहीं हैं.
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप की कंपनी भारतीय रियल एस्टेट डेवलपर्स को अपने नाम और लोगो का उपयोग करने का कानूनी अधिकार देती है.
जमीन खरीदने, निर्माण करने, प्रोजेक्ट को फंड करने और फ्लैट बेचने का पूरा काम स्थानीय भारतीय डेवलपर्स करते हैं.
ट्रंप की कंपनी मुख्य रूप से डिजाइन स्टैंडर्ड्स, लक्जरी गाइडलाइंस और ब्रांडिंग की निगरानी करती है, जिसके बदले उन्हें मोटी लाइसेंसिंग फीस और रॉयल्टी मिलती है.
ट्रंप टावर्स खड़े करने वाले भारत में प्रमुख डेवलपर्स
ट्राइबेका डेवलपर्स- भारत में ट्रंप ब्रांड के आधिकारिक और प्राथमिक प्रतिनिधि हैं.
लोढ़ा ग्रुप- मुंबई में वर्ली स्थित ट्रंप टावर का निर्माण इन्होंने किया है.
M3M इंडिया- गुरुग्राम स्थित ट्रंप टावर के सह-डेवलपर हैं.
पंचशील रियल्टी- पुणे स्थित ट्रंप टावर्स के डेवलपर हैं.
उनिमार्ग और रीमाउंट- कोलकाता प्रोजेक्ट से जुड़े हैं.
क्यों करते हैं ट्रंप के नाम का इस्तेमाल?
संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर भारत में सबसे ज्यादा ट्रंप-ब्रांडेड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स मौजूद हैं, लेकिन कानूनी और वित्तीय रूप से इन इमारतों के मालिक स्थानीय डेवलपर्स और उन
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar