क्यों अब आपका खाता अचानक फ्रीज कर सकता है बैंक? RBI के क्या हैं निर्देश
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आज के समय में डिजिटल पेमेंट काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, इसके साथ ही साइबर ठगों के पैंतरे भी लगातार बदल रहे हैं और वे लोगों को चूना लगाने के लिए रोज नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं.
इन दिनों साइबर फ्रॉड और संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन के मामले भी सामने आ रहे है.
ऐसे मामलों में कई बार बैंक सुरक्षा के लिए ग्राहकों के पूरे खाते पर रोक लगा देते हैं, जिससे जरूरत के समय पैसों का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है.
लेकिन अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इस प्रोसेस में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है.
RBI के नए फ्रेमवर्क में क्या बदलेगा?
RBI के प्रस्तावित नए ड्राफ्ट फ्रेमवर्क के तहत साइबर फ्रॉड और मनी-म्यूल अकाउंट में शक होने पर हर बार पूरा बैंक अकाउंट फ्रीज करने के बजाय सिर्फ संदिग्ध रकम पर डेबिट होल्ड लगाने का प्रस्ताव है.
ऐसे में ग्राहक को संबंधित ट्रांजेक्शन सही होने का सबूत देने के लिए 20 कैलेंडर दिन का समय दिया जाएगा.
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इस दौरान ग्राहक को अपनी पहचान और रकम के स्त्रोत से जुड़े जरूरी डॉक्युमेंट्स देने होंगे.
साथ ही ग्राहक को बैंक की ओर से दिए गए डॉक्युमेंट्स और जानकारी की समीक्षा के लिए बैंक को 10 दिन का समय मिलेगा.
किन वजहों से बैंक अकाउंट पर लग सकती है रोक?
अगर आपके खाते में साइबर फ्रॉड या ठगी से जुड़ी रकम आती है या संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखाई देता है, तो बैंक जांच के लिए रोक लगा सकता है.
लंबे समय तक KYC अपडेट नहीं करने पर भी खाते पर कार्रवाई हो सकती है.
खाते में अचानक सामान्य लेन-देन से अलग बड़ी रकम आने-जाने पर बैंक को शक हो सकता है और वह आपके ट्रांजेक्शन पर रोक लगा सकता है.
कोर्ट, पुलिस, इनकम टैक्स विभाग य
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar