'लड़ाई भारत-विरोधी ताकतों-देशभक्तों के बीच', रिजिजू ने प्रकाश राज- भूषण पर साधा निशाना
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दो वीडियो शेयर कर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर निशाना साधा है.
एक वीडियो में प्रकाश राज हैं, तो दूसरे वीडियो में देश के सीनियर वकील प्रशांत भूषण हैं.
रिजिजू ने सवाल उठाते हुए कहा है कि यह दिमागी नक्सल लोग भारतीय संस्कृति को नष्ट कर रहे हैं.
वहीं, एक अन्य वीडियो, जिसमें प्रशांत भूषण नजर आ रहे, तो उस पर रिजिजू ने कहा है कि अब लड़ाई भारत-विरोधी ताकतों और उन देशभक्त भारतीयों के बीच है जो भारत की रक्षा करना चाहते हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रकाश राज से जब पूछा कि आप लोगों पर आरोप लगता है कि जो पुलिस महिलाकर्मी हैं, उन्हें तंग कर रहे हैं.
तो इस पर प्रकाश राज अपनी स्टाइल में हंसी हंसते हु
The battle line has been drawn. It is Dimagi Naxals Vs Patriotic Indians.
Between those who believe in the Constitution of India Vs Anarchists.
अब लड़ाई भारत-विरोधी ताकतों और उन देशभक्त भारतीयों के बीच है जो भारत की रक्षा करना चाहते हैं। https://t.co/UZQzpDEmDW
Kiren Rijiju (@KirenRijiju) October 15, 2026
कश्मीर को अलग करने की बात करते नजर आ रहे भूषण
वहीं, प्रशांत भूषण के एक 2011 के वीडियो में जम्मू-कश्मीर की बात करते हुए कह रहे हैं, कि वहां हालात वहां सामान्य करना चाहिए. आर्मी को वहां से हटाना चाहिए.
आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट को खत्म करना चाहिए. और कोशिश ये करना चाहिए, कि वहां की जनता हमारे साथ आए.
अगर उसके बाद भी वहां की जनता हमारे साथ नहीं है, अगर वहां की जनता यह चाहती है, कि हम अलग होना चाहते हैं, तो मेरी राय यही है, उनको अलग कर देना चाहिए.
आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले- शासन व्यवस्था बदले
वहीं, 2026 यानी आज के एक वीडियो में प्रश
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दो वीडियो साझा करके प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा है, जिनमें प्रकाश राज और वकील प्रशांत भूषण दिखाई देते हैं। विषय भारत-विरोधी ताकतों और देशभक्तों के बीच संघर्ष पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजनीतिक तनाव और सार्वजनिक राय को प्रभावित कर सकती है, विशेषकर यदि मंत्री के वक्तव्य से विरोधी समूहों पर दबाव बढ़े। आम जनता पर इसका असर सामाजिक विभाजन, मीडिया में चर्चा और नागरिकों के बीच विचारों में टकराव के रूप में हो सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और भी जटि