लद्दाख के नेताओं और MHA के बीच निर्वाचित निकाय पर आज बातचीत, विशेष मॉडल पर बनेगी सहमति!
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अनुच्छेद 371(K) के तहत लद्दाख के लिए विशेष संवैधानिक सुरक्षा उपायों के रोडमैप और केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर एक निर्वाचित निकाय के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए, आज लेह में लद्दाख के नेताओं और गृह मंत्रालय (MHA) के अधिकारियों के बीच उप-समिति स्तर की बातचीत का एक नया दौर शुरू होगा.
शाम 4 बजे होने वाली इस उप-समिति स्तर की बैठक में लेह एपेक्स बॉडी (LAB), कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (KDA) के नेता, लद्दाख के सांसद हाजी हनीफा जान और गृह मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे.
यह बातचीत 9 सितंबर को नई दिल्ली में दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक के बाद हो रही है, जिसमें लद्दाख स्तर पर एक निर्वाचित निकाय और संविधान के अनुच्छेद 371 के विशेष प्रावधानों के तहत सुरक्षा उपायों पर सहमति बनी थी.
लद्दाख को मिलेगा नया निर्वाचित निकाय
LAB के सह-अध्यक्ष शेरिंग दोरजे ने पुष्टि की है कि बैठक इन्हीं दो बिंदुओं पर केंद्रित होगी.
उन्होंने बताया कि पिछली बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर एक निर्वाचित निकाय का प्रस्ताव रखा था.
उन्होंने कहा, "हम 9 सितंबर की बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा उठाए गए कुछ बिंदुओं पर लिखित जवाब सौंपेंगे."
दोरजे ने कहा कि लद्दाख के नेता संवैधानिक सुरक्षा उपायों के लिए केंद्र द्वारा प्रस्तावित ढांचे पर स्पष्टता चाहते हैं.
उन्होंने कहा, "हम यह जानना चाहते हैं कि वे हमें किस तरह के संवैधानिक सुरक्षा उपाय देने की पेशकश कर रहे हैं."
लद्दाख के नेता उपराज्यपाल की भूमिका पर चाहते हैं रोक
उन्होंने कहा कि लद्दाख के नेता प्रस्तावित निर्वाचित निकाय की शक्तियों और इस व्यवस्था के तहत उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी मांगेंगे.
लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के.
सक्सेना द्वारा हाल ही में लिए गए नीतिगत फैसलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जब तक संवैधानिक सुरक्षा उपायों और निर्वाचित निकाय पर कोई
📡 स्रोत: ABP Live