लद्दाख में निकाय चुनाव से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस को झटका, बड़े नेता BJP-कांग्रेस में शामिल
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लद्दाख में स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले एक बड़े राजनीतिक फेरबदल के तहत, 21 नवंबर को होने वाले नगर निकाय चुनावों से ऐन पहले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को बीजेपी और 'इंडिया' गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस, दोनों ने ही अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है.
जहां बीजेपी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व नेता और LAHDC कारगिल के मुख्य कार्यकारी पार्षद (CEC) डॉ.
मोहम्मद जाफर अखून को अपनी पार्टी में शामिल किया, वहीं कांग्रेस ने भी दो प्रमुख स्थानीय चेहरों - रजा अब्बासी और फिदा हुसैन - को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है.
JKNC का नया गठबंधन
इन हाई-प्रोफाइल राजनीतिक बदलावों ने 21 नवंबर को होने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनावों से कुछ हफ्ते पहले कारगिल में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं.
अब यहां एक त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 'जामियातुल उलेमा इस्ना अशरिया कारगिल' (JUIAK) - जिसे 'इस्लामिक स्कूल ऑफ कारगिल' के नाम से भी जाना जाता है - के साथ गठबंधन किया है.
इस समझौते के तहत, सभी 17 नगर निकाय सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन आपसी बातचीत के जरिए किया जाएगा.
बीजेपी में शामिल हुए मोहम्मद जाफर
लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC), कारगिल के पूर्व अध्यक्ष और CEC, डॉ.
मोहम्मद जाफर अखून ने शनिवार को कारगिल में आयोजित एक कार्यक्रम में, बीजेपी लद्दाख के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में औपचारिक रूप से बीजेपी का दामन थाम लिया.
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने 18 जुलाई को अखून को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था.
उन्होंने कांग्रेस के साथ 2023 में हुए चुनाव-पूर्व 'रोटेशनल पावर-शेयरिंग' (बारी-बारी से सत्ता साझा करने) समझौते को मानने से इनकार कर दिया था, जिसके तहत 2.5 साल बाद CEC का पद दूसरे दल को सौंपा जाना था.
अखून ने बीजेपी पार्षदों की मदद से कांग्रेस समर्थित अविश्वास प्रस्ताव को हराकर कुछ समय के लिए अपना पद बचा लिया था.
हालांकि, परिषद के कई प्रमुख सदस्यों के सामूहिक इस्तीफे के बाद, 21 अक्टूबर को उपराज्यपाल (LG) प्रशासन ने LAHDC कार
📡 स्रोत: ABP Live