राजनीति

लकड़ी में यादों की नक्काशी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
लकड़ी में यादों की नक्काशी

जवाहर कला केंद्र के स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेस्टिवल में हिमांशी चौधरी के कस्टमाइज्ड वुडन पोर्ट्रेट आकर्षण का केंद्र बने हैं। Decorsaa (कॉस्मिक क्राफ्ट) के जरिए हिमांशी लकड़ी पर प्रियजनों की यादों को कलात्मक रूप देती हैं, जिसकी भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने भी सराहना की।

जयपुर, 6 अक्टूबर | जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेस्टिवल में हिमांशी चौधरी का स्टॉल लोगों के बीच खास आकर्षण बना हुआ है। Decorsaa (कॉस्मिक क्राफ्ट) के नाम से अपनी पहचान बना रहीं हिमांशी कस्टमाइज्ड वुडन पोर्ट्रेट तैयार करती हैं, जिनमें कला के साथ भावनाओं और यादों का अनूठा मेल देखने को मिलता है।

हिमांशी की खासियत यह है कि उन्होंने लकड़ी पर पोर्ट्रेट बनाने की इस कला को स्वयं विकसित किया है। अपनी रचनात्मक सोच और मेहनत के जरिए उन्होंने साधारण लकड़ी को खूबसूरत और भावनात्मक कलाकृतियों में बदलने का हुनर हासिल किया है। उनके बनाए कस्टमाइज्ड पोर्ट्रेट लोगों को अपने प्रियजनों की तस्वीरों और यादों को एक अलग और स्थायी कलात्मक रूप में संजोने का अवसर देते हैं।

फेस्टिवल में हिमांशी की कलाकृतियां कला प्रेमियों के साथ-साथ उन लोगों का भी ध्यान खींच रही हैं, जो अपने खास पलों और रिश्तों को यादगार बनाना चाहते हैं। उनके काम में पारंपरिक हस्तकला और आधुनिक रचनात्मकता का सुंदर संयोजन दिखाई देता है।

हाल ही में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने भी हिमांशी चौधरी के स्टॉल का दौरा किया। उन्होंने उनकी कलाकृतियों को देखा और लकड़ी पर पोर्ट्रेट तैयार करने की अनूठी कला की सराहना की। हिमांशी का यह प्रयास न केवल उनकी व्यक्तिगत रचनात्मक पहचान को मजबूत कर रहा है, बल्कि हस्तशिल्प और स्वदेशी कला को भी नए अंदाज में लोगों तक पहुंचा रहा है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।