एक लाख सरकारी नौकरियां और पांच लाख रोजगार की गारंटी निकली झूठी, कांग्रेस ने हिमाचल के बेरोजगार युवाओं के भविष्य से किया भद्दा मजाक: डॉ. राजीव बिंदल
अगस्त 20, सिरमौर (हिमाचल प्रदेश): भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में जिला सिरमौर के युवाओं ने नाहन में प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ विशाल प्रदर्शन किया।
सैकड़ों की संख्या में एकत्रित युवाओं ने बेरोजगारी, लंबित भर्तियों और कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों ने बेरोजगार युवक-युवतियों को इस कदर निराश और परेशान कर दिया है कि आज उनके पास सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं ने हिमाचल के बेरोजगार युवाओं को झूठी गारंटियों का सपना दिखाकर ठगा। कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं से एक लाख सरकारी नौकरियां और पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता प्रियंका गांधी ने हिमाचल की चुनावी सभाओं में बड़े जोर-शोर से रोजगार का मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित कांग्रेस नेताओं ने भी युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकारी नौकरियां नियमित और स्थायी होंगी।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने युवाओं को सपना दिखाया था कि न अस्थायी नौकरी होगी, न आउटसोर्स नौकरी होगी, बल्कि पक्की और पेंशन वाली सरकारी नौकरी मिलेगी।
आज लगभग चार वर्ष बीतने को हैं और प्रदेश का बेरोजगार युवा कांग्रेस से पूछ रहा है कि वह एक लाख सरकारी नौकरियां आखिर कहां हैं?” डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।
सरकारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हैं और निजी क्षेत्र में भी पर्याप्त नए रोजगार के अवसर पैदा नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पारदर्शी और व्यापक भर्ती करने के बजाय भाई-भतीजावाद और चहेतों को लाभ पहुंचाने की कार्यप्रणाली अपना रही है।
यदि सरकार ने कोई नियुक्तियां की हैं तो वह उनका पूरा विवरण सार्वजनिक करे और बताए कि कितने बेरोजगार युवाओं को नियमित सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
कई युवा लाइब्रेरियों और कोचिंग संस्थानों में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया की अनिश्चितता ने उनके भविष्य को संकट में डाल दिया है। डॉ. बिंदल ने कहा, “कांग्रेस ने रोजगार के नाम पर हिमाचल के बेरोजगारों के साथ ऐसा भद्दा मजाक किया है जिसे प्रदेश का युवा कभी नहीं भूलेगा।
सत्ता हासिल करने के लिए युवाओं से वादे करना और सत्ता में आने के बाद उन्हीं वादों से मुकर जाना राजनीतिक विश्वासघात है।” बिंदल ने कहा कि नाहन की सड़कों पर उमड़ा युवाओं का आक्रोश केवल सिरमौर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे हिमाचल के बेरोजगार युवाओं की भावना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का युवा पूछ रहा है कि एक लाख सरकारी नौकरियों का क्या हुआ, पांच लाख रोजगार कहां हैं, खाली सरकारी पद क्यों नहीं भरे जा रहे और वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं को न्याय कब मिलेगा?
उन्होंने कहा, “आज उसी युवा शक्ति ने हुंकार भरी है जिसने कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब यही युवा वादाखिलाफी, झूठी गारंटियों और तालाबंदी वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर चुका है।” डॉ. बिंदल ने कहा कि युवाओं का यह आंदोलन आने वाले समय में और व्यापक होगा।
भाजपा बेरोजगार युवाओं की आवाज को प्रदेश के प्रत्येक मंच पर मजबूती से उठाएगी और कांग्रेस सरकार से उसकी प्रत्येक रोजगार गारंटी का हिसाब मांगेगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल का युवा अब कांग्रेस के वादों और घोषणाओं पर नहीं, उसके चार वर्षों के काम का हिसाब मांग रहा है और समय आने पर यही युवा शक्ति कांग्रेस सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता से बाहर करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।