लखनऊ में स्नातक-शिक्षक चुनाव को लेकर भाजपा की बैठक
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लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन की तैयारियों को लेकर हजरतगंज स्थित हलवासिया कोर्ट में भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी एवं भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को चुनाव की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए इसी दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी ने कहा कि विद्यालयों में संपर्क के दौरान दो महत्वपूर्ण फार्म लेकर जाना है।
स्नातक मतदाताओं के फार्म भरवाने के साथ ही प्रत्येक विद्यालय के पात्र शिक्षकों को शत-प्रतिशत मतदाता बनाने का लक्ष्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पार्षद को अपने क्षेत्र में कम से कम 100 नए मतदाता बनाने की जिम्मेदारी दी गई है इसके साथ ही केवल मतदाता बनाना ही नहीं, बल्कि 23 अक्टूबर को उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाकर मतदान सुनिश्चित कराना भी सभी पार्षदों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि लखनऊ खंड में शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन के लिए कुल 111 पोलिंग सेंटर बनाए गए हैं।
स्नातक निर्वाचन में यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र स्नातक मतदाता पंजीकरण से वंचित न रह जाए। वहीं शिक्षक निर्वाचन के लिए प्रत्येक वार्ड में स्थित विद्यालयों से संपर्क कर छूटे हुए पात्र शिक्षकों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने का कार्य किया जाए।मीडिया प्रभारी अनुराग साहू ने बताया कि बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल,विधान परिषद सदस्य एवं शिक्षक निर्वाचन प्रत्याशी उमेश द्विवेदी, रजनीश गुप्ता, सुधीर हलवासिया, मुन्ना मिश्रा, सुशील पम्मी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नितिन मित्तल, मंत्री विजय भुर्जी, महामंत्री घनश्याम दास अग्रवाल, सत्येंद्र सिंह एवं टिंकू सोनकर सहित अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
लखनऊ के हजरतगंज में हलवासिया कोर्ट में भाजपा ने स्नातक-शिक्षक चुनाव की तैयारियों पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। यह बैठक क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी और लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी के नेतृत्व में हुई, जहाँ उन्होंने पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों को चुनाव के दिशा-निर्देश दिए। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्नातक-शिक्षक चुनाव शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधित्व को तय करता है और इससे शिक्षा नीति तथा विद्यालय प्रबंधन पर प्रभाव पड़ता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि योग्य शिक्षकों का चयन