राजनीति

लिथियम-निकेल प्रोसेसिंग को बढ़ावा, ₹2,814 करोड़ की योजना को मंजूरी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
लिथियम-निकेल प्रोसेसिंग को बढ़ावा, ₹2,814 करोड़ की योजना को मंजूरी

04 नवंबर, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत व्यय सहायता योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 2,814 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और यह योजना 5 साल तक चलेगी। वर्तमान में भारत में इन जरूरी खनिजों को साफ करने और इस्तेमाल के लायक बनाने का ढांचा बहुत शुरुआती चरण में है।

इस वजह से हमें विदेशों से महंगे दामों पर तैयार माल आयात करना पड़ता है। इसका उद्देश्य देश के भीतर ही इन खनिजों को रिफाइन करने वाले बड़े-बड़े प्लांट (कारखाने) लगाना। विदेशों पर भारत की निर्भरता को कम करना और भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना। यह योजना भारत में घरेलू प्रसंस्करण क्षमताओं का विकास करने, देश के भीतर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने, आयात पर निर्भरता कम करने और मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर केंद्रित है।

इस योजना के तहत मदद पाने वाली कंपनियों का चुनाव दो चरणों में होगा। पहले चरण में पहले कंपनियों के आवेदनों की तकनीकी योग्यता जांची जाएगी कि वे यह काम करने में सक्षम हैं या नहीं। दूसरे चरण में जो कंपनियां पहले चरण में पास होंगी, उनके बीच बोली लगेगी। प्रत्येक खनिज के लिए उन दो कंपनियों को चुना जाएगा जो सरकार से सबसे कम आर्थिक मदद (न्यूनतम लागत) मांगेंगी।

चुनी गई कंपनियों को सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्योंको पूरा करने के आधार पर तीन आसान किस्तों में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

स्टोरी सोर्स-PIB फाइल फोटो

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।