लोग बोरे में 2 कुत्ते लेकर नगर पंचायत ऑफिस पहुंचे:अधिकारी की टेबल पर छोड़े; VIDEO, आवारा कुत्तों से परेशान थे लोग, नासिक का मामला
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →महाराष्ट्र के नासिक में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता 2 कुत्तों के बच्चे लेकर निफाड़ नगर पंचायत ऑफिस पहुंचे और उन्हें अधिकारी की टेबल पर छोड़ दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आवारा कुत्तों को लेकर कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। घटना के वीडियो में युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रांधवे अधिकारी धीरज भामरे की टेबल पर कुत्तों के बच्चे छोड़ते नजर आ रहे हैं। युवा सेना, शिवसेना की युवा शाखा है। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें… प्रदर्शन के दौरान रांधवे नोटों से बनी माला भी लेकर आए थे कार्यालय लाने से पहले कुत्तों के बच्चों को छोटे-छोटे बोरे में रखा गया था।
प्रदर्शन के दौरान रांधवे ने अधिकारी धीरज भामरे की टेबल पर नोटों से बनी माला भी रखी। यह प्रदर्शन निफाड़ शहर और आसपास के इलाकों में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
उनका दावा है कि कई लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। बार-बार शिकायत और प्रशासन को ज्ञापन देने के बावजूद समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रांधवे बोले- आवारा कुत्तों की नसबंदी कराई जाए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। इससे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और गाड़ी चालकों को परेशानी हो रही है।
उनका दावा है कि कई लोगों को आवारा कुत्ते काट चुके हैं। बार-बार शिकायत और प्रशासन को ज्ञापन देने के बावजूद समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। रांधवे ने आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए अभियान चलाने, उन्हें पकड़ने की उचित व्यवस्था करने और उनकी संख्या नियंत्रित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई दिनों से समस्या उठाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
नासिक के निफाड़ नगर पंचायत में युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने आवारा कुत्तों की समस्या पर कार्रवाई के लिए 2 कुत्ते लेकर अधिकारी की टेबल पर छोड़े। यह विषय आवारा कुत्तों के प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि नागरिक स्वयं प्रशासन को जवाबदेह ठहराने के लिए कितनी सक्रियता दिखा रहे हैं। इस कदम से जनता में जागरूकता बढ़ेगी और अधिकारियों पर दबाव बढ़ेगा, जिससे आवारा कुत्तों की संख्या घटाने और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता में सुधार की संभावना बढ़ेगी।