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लखनऊ में चार ठिकानों पर छापेमारी:6 अवैध सिम बॉक्स समेत 192 सिम स्लॉट बरामद, डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने की आशंका

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
लखनऊ में चार ठिकानों पर छापेमारी:6 अवैध सिम बॉक्स समेत 192 सिम स्लॉट बरामद, डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने की आशंका

लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने 31 अक्टूबर को शहर के चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 6 अवैध 32-पोर्ट सिम बॉक्स, 3 वीपीएन गेटवे और 192 सिम स्लॉट समेत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए हैं।

पुलिस को आशंका है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल इंटरनेट आधारित कॉलिंग के जरिए साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया जा रहा था। एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि अवैध रूप से संचालित सिम बॉक्स के संबंध में तकनीकी सूचना मिली थी। इसके बाद संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य टेक्निकल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।

दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन और उनसे जुड़े स्थान चिह्नित किए गए। इसके बाद पुलिस की विशेष टीमें बनाकर कार्रवाई की गई। इन चार जगहों पर हुई छापेमारी पुलिस टीमों ने सुशांत गोल्फ सिटी के स्वाति अपार्टमेंट, पारा के आदर्श विहार स्थित आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी के गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट के आदर्श नगर स्थित जीजे पैराडाइज में तलाशी अभियान चलाया।

यहां से छह अवैध 32-पोर्ट सिम बॉक्स, तीन वीपीएन गेटवे, 21 स्मार्ट स्विच, तीन स्मार्ट हब, चार इनवर्टर/यूपीएस, 18 बैटरियां, एक लॉक टैबलेट और 192 सिम स्लॉट बरामद हुए। इसके अलावा वाई-फाई राउटर, कैमरे और अन्य नेटवर्किंग उपकरण भी मिले हैं। एक साथ कई सिम से कॉलिंग की जा सकती है एडीसीपी क्राइम के मुताबिक, 32-पोर्ट सिम बॉक्स में एक साथ कई सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं।

इनके जरिए इंटरनेट आधारित कॉल को मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से संचालित किया जा सकता है। ऐसी व्यवस्था का इस्तेमाल बड़ी संख्या में कॉल करने और कॉल के वास्तविक स्रोत को छिपाने में किया जा सकता है। डिजिटल अरेस्ट के मामलों में साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं।

लगातार फोन कॉल कर उन्हें मानसिक दबाव में रखते हैं और रुपये ट्रांसफर कराते हैं। पुलिस को आशंका है कि बरामद सिम बॉक्स का इस्तेमाल भी इसी तरह के साइबर अपराधों में किया जा सकता है। उपकरणों की तकनीकी जांच शुरू पुलिस बरामद सभी डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच करा रही है। इनके जरिए इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड, कॉलिंग पैटर्न और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी।

मामले में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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