लुधियाना में पाकिस्तान की जासूसी करता दुकानदार गिरफ्तार:ISI को सैन्य-संवेदनशील क्षेत्रों भेजी जानकारी; किराए की दुकान पर लगाए कैमरे

लुधियाना में पुलिस ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना सराभा नगर की पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लुधियाना में बैठकर शहर की गतिविधियों, खासकर सैन्य और संवेदनशील इलाकों की लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेज रहा था।
पुलिस को आशंका है कि इस जासूसी के पीछे पाकिस्तानी एजेंसियों की लुधियाना में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की खौफनाक साजिश थी। पुलिस की शुरुआती जानकारी से सामने आए मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रछपाल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में जानकारी देने से कतरा रही है।
आरोपी मूल रूप से जिला गुरदासपुर के फतेहगढ़ चूड़ियां स्थित गांव सर्फ कोट का रहने वाला है। आरोपी ने लुधियाना के फिरोजपुर रोड स्थित न्यू सुंदर नगर में (मेडवेज अस्पताल के सामने, प्लॉट नंबर-1) एक दुकान किराए पर ले रखी थी। इसी दुकान को उसने अपना जासूसी का अड्डा बनाया हुआ था।
पाकिस्तानी एजेंसियों के पास था कैमरों का पूरा एक्सेस: आरोपी रछपाल सिंह ने दुकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। इन कैमरों की पूरी लाइव फीड और एक्सेस सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को दी गई थी। सीमा पार बैठे पाकिस्तानी अधिकारी इन्हीं कैमरों के जरिए लुधियाना जिले की हर छोटी-बड़ी हरकत पर सीधी नजर रख रहे थे।
अलग-अलग नंबरों से देता था धमकियां: पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जासूसी के साथ-साथ अलग-अलग मोबाइल नंबरों (फोनों) का इस्तेमाल करके धमकियां देने का काम भी करता था। ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत FIR: थाना सराभा नगर के एसआई (SI) अर्शदीप सिंह को गश्त के दौरान इस जासूस के बारे में खुफिया सूचना मिली थी।
इसके बाद 27 अगस्त 2026 को तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोपी पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। कैमरों के एक्सेस की जांच में जुटी पुलिस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
अब पुलिस का मुख्य फोकस इस बात का पता लगाना है कि इन कैमरों का एक्सेस पाकिस्तान में किन-किन लोगों को दिया गया था। इसके अलावा आरोपी रछपाल सिंह किन लोगों के संपर्क में था और धमकियां देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फोनों का इस जासूसी और पाकिस्तान वाले कनेक्शन से क्या
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar