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मदनी बोले-नफरत फैलाने वालों को बाहर करेगी RSS:भागवत के बयान पर लिखा-अमेरिका में नहीं, भारत में एकता और धर्मों के सम्मान की बात करने की जरूरत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मदनी बोले-नफरत फैलाने वालों को बाहर करेगी RSS:भागवत के बयान पर लिखा-अमेरिका में नहीं, भारत में एकता और धर्मों के सम्मान की बात करने की जरूरत

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान को लेकर सवाल उठाए हैं।

मदनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर पूछा कि अगर मुसलमानों को देश से निकालने की बात करने वाला व्यक्ति हिंदू नहीं है, तो मोहन भागवत ऐसे लोगों को अपने संगठन से बाहर क्यों नहीं करते?

मौलाना अरशद मदनी ने अपने पोस्ट में मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ कथित तौर पर नफरत फैलाने, मॉब लिंचिंग और हिंसा का समर्थन करने वालों को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने पूछा कि आर्थिक और सामाजिक बहिष्कार की अपील करने वाले, मस्जिदों, मदरसों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने वाले तथा मुसलमानों की नागरिकता और संवैधानिक अधिकारों को संदेह के घेरे में लाने वाले आखिर कौन लोग हैं? RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की?

मदनी ने सवाल किया कि ऐसे लोगों के खिलाफ RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अगर संगठन की विचारधारा एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करती है, तो नफरत फैलाने वालों से स्पष्ट दूरी बनाना भी जरूरी है।

मदनी ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना स्वागत योग्य है, लेकिन इस संदेश की वास्तविक जरूरत आज भारत में है। उनके मुताबिक, यदि मोहन भागवत अपने विचारों को वास्तव में अमल में लाना चाहते हैं, तो उन्हें नफरत फैलाने वालों से खुले तौर पर दूरी बनानी चाहिए।

विदेश में कही बात नहीं, अमल से साबित हो विचार जमीयत अध्यक्ष ने कहा कि केवल बयान या भाषण देने से किसी विचार की सच्चाई साबित नहीं होती, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करके यह साबित किया जाना चाहिए कि एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात केवल विदेश में कही गई बात नहीं है। मदनी ने कहा कि भारत किसी एक धर्म का देश नहीं है, बल्कि सभी धर्मों को मानने वालों का साझा वतन है।

उन्होंने संविधान में दिए गए समान अधिकारों की रक्षा को लेकर भी सवाल उठाया। नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी? मौलाना अरशद मदनी ने अपने पोस्ट के अंत में सवाल किया कि नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी और संविधान में मिले समान अधिकारों की रक्षा जमीन पर कब दिखाई देगी?

उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। मदनी का कहना है कि किसी भी विचार की सच्चाई भाषणों से नहीं, बल्कि उसके अमल से साबित होती है।

इसलिए उनके मुताबिक, एकता और भाईचारे की बात करने वाले संगठनों और नेताओं को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ उनकी वास्तविक कार्रवाई क्या है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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