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मधेपुरा-सोई बेटी का गला काटने वाले पिता का कबूलनामा:बोला- दूसरी जाति के लड़के से अफेयर था; गांव वाले तंज कसते थे, इसलिए मार डाला

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मधेपुरा-सोई बेटी का गला काटने वाले पिता का कबूलनामा:बोला- दूसरी जाति के लड़के से अफेयर था; गांव वाले तंज कसते थे, इसलिए मार डाला

‘गांव में बेटी के पड़ोस के लड़के से प्रेम-प्रसंग की चर्चा फैलने लगी थी, लोगों ने दोनों को कई बार एक साथ देखा था। इसके बाद आते-जाते ताने मिलने लगे, इस कारण लोगों के बीच उठना-बैठना कम करने लगा था और बेटी की बात को लेकर तनाव में रहता था। ’ मधेपुरा के शंकरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले ग्रामीण अखिलेश ने ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में कही।

दरअसल, 7 अक्टूबर को इसी क्षेत्र के गोरराहा गांव के दिनेश ने अपनी नाबालिग बेटी की हत्या कर शव कड़ुआ नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने घटना के एक हफ्ते बाद सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद बुधवार को नाबालिग लड़की का शव बरामद किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

दिनेश ने बेटी की हत्या की प्लानिंग कैसे की, दोनों नाबालिगों के बीच प्रेम-प्रसंग की शुरुआत कैसे हुई, घटना की एकमात्र चश्मदीद छोटी बेटी ने क्या बताया, पढ़िए पूरी रिपोर्ट...

घटना से जुड़ी तस्वीर देखिए… अब पूरी खबर सिलसिलेवार पढ़िए… मधेपुरा के शंकरपुर थाना क्षेत्र के गोरराहा गांव में दिनेश कुमार का परिवार रहता है। दिनेश पेशे से किसान है। उसकी 13 साल की बेटी 9वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसी गांव में दूसरी जाति का एक परिवार भी रहता है। इस परिवार का 15 साल का बेटा है।

दोनों परिवारों के घरों के बीच करीब 10 मीटर की दूरी है। ग्रामीण अखिलेश के मुताबिक, एक साल पहले होली के वक्त नाबालिग लड़की और लड़का होली खेलने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। होली खत्म होने के बाद भी दोनों फोन पर बातचीत करने लगे और हफ्ते-दो हफ्ते पर पास के मार्केट में मुलाकात भी करने लगे।

इसी दौरान गांव के कई लोगों की नजर उन पर पड़ी। इसके बाद ग्रामीण लड़की के पिता के पास जाकर दोनों के मिलने की जानकारी देने लगे। शुरुआत में दिनेश ने बेटी को समझाया। इसके बाद कुछ दिनों तक सब कुछ सामान्य रहा, फिर दोनों एक दूसरे से बात करने लगे। पिता को बातचीत की जानकारी मिली तो बेटी को चेतावनी दी और कहा- अगर फिर से बात की तो काटकर फेंक देंगे।

धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत की बात पूरे गांव में भी फैलने लगी। आरोपी पर तंज कसते थे ग्रामीण आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कहा कि गांव में बेटी के प्रेम-प्रसंग की बातें फैलने लगी थीं। लोगों को पता चल गया था कि मेरी बेटी का गांव के ही एक लड़के से संबंध है। घर पास-पास ही थे, इसलिए लोगों ने कई बार दोनों को मिलते हुए देखा था।

इसके बाद ग्रामीण मुझे आते-जाते ताने मारने लगे थे। इस वजह से मैंने लोगों के बीच उठना-बैठना कम कर दिया। जहां दो लोग बैठे रहते थे, वहां से मैं उठकर चला जाता था। बेटी की बात को लेकर मैं काफी टेंशन में रहने लगा था। गांव में फैली इन बातों और लोगों के तानों से परेशान होकर मैंने बेटी की हत्या की प्लानिंग की।

हत्या से कुछ दिन पहले से ही मैंने कम बोलना और लोगों के बीच उठना-बैठना कम कर दिया था। हत्या वाले दिन भी मैं पूरे दिन घर में ही रहा। दिन में मैंने खाना नहीं खाया। पूछने पर तबीयत खराब होने की बात कही। रात में घर में मटन बना, लेकिन उस वक्त भी मैंने खाना नहीं खाया। हालांकि, बेटी और परिवार के अन्य सदस्य खाना खाकर सोने चले गए।

आधी रात को बेटी का गला काटा, शव को बोरे में ठूंसा पुलिस पूछताछ के मुताबिक, दिनेश दरवाजे से उठकर आधी रात को बेटी के कमरे में गया। वहां लड़की अपनी छोटी बहन के साथ सो रही थी। आरोपी ने सोते वक्त ही उसकी गर्दन पर दबिया से हमला किया और गला काट दिया। बगल में सोई छोटी बेटी हमले की आवाज सुनकर उठ गई, लेकिन पिता ने उसे डांटकर सोने के लिए कह दिया।

हत्या के बाद घर के दूसरे परिजन भी वहां पहुंचे, लेकिन आरोपी ने सभी को मुंह खोलने से मना कर दिया। इसके बाद उसने अकेले ही शव को बोरे में ठूंसकर बाइक के पीछे बांधा और रात में करीब 2 किलोमीटर बाइक चलाकर कड़ुआ नदी में फेंक दिया। जब वह घर लौटा, तब सुबह के 3 बज रहे थे। इसके बाद वह वापस घर के दरवाजे पर आकर सो गया।

3 दिन बाद खुद आवेदन देने थाने पहुंचा अगली सुबह उसने ऐसे व्यवहार किया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। परिवार के लोग भी पूरे दिन शांत रहे। अगले दिन पिता ने साजिश के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी लापता है। उसने बताया कि बेटी दोपहर में घास लाने गई थी, लेकिन उसके बाद से वापस नहीं लौटी।

पुलिस ने आवेदन दर्ज किया और गांव पहुंचकर कई लोगों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी से भी लड़की के दोस्तों और जानकारों के बारे में जानकारी ली। अगले दिन पुलिस फिर घर पहुंची और लड़की की मां और छोटी बहन को अपने साथ थाने ले गई। वहां दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई, जिसमें उनके बयान अलग-अलग होने लगे।

छोटी बेटी ने पुलिस को बताया कि पापा ने दीदी को दबिया से काट दिया था। उसने बताया कि जब दीदी सो रही थी, उस वक्त आधी रात थी। पिता ने उन सभी को डांटकर चुप रहने के लिए कहा था। छोटी बेटी से यह जानकारी मिलते ही पुलिस सीधे आरोपी को हिरासत में लेने उसके घर पहुंची, लेकिन वह फरार हो चुका था। इसके बाद पुलिस को आरोपी पर शक हो गया।

पुलिस ने एक टीम बनाकर छापेमारी की और दो दिन बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसने हत्या की बात कबूल की और पूरी कहानी सुनाई। डीएसपी चेतनानंद झा ने बताया कि शंकरपुर थाना क्षेत्र के गोरराहा गांव में नाबालिग लड़की की गुमशुदगी मामले की जांच में उसके पिता की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पिता को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में उसने प्रेम-प्रसंग से नाराज होकर बेटी की हत्या करने और शव को बेहरारी के पास नदी में फेंकने की बात स्वीकार की है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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