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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27% OBC आरक्षण की याचिकाएं खारिज कीं

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27% OBC आरक्षण की याचिकाएं खारिज कीं

अक्टूबर 09, नई दिल्ली: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में OBC आरक्षण 14 प्रतिशत रखने का फैसला सुनाया है।

जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने भर्ती प्रक्रिया में रोके गए 13 प्रतिशत पदों पर सामान्य वर्ग के पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि 2019 से 29 सितंबर 2022 के बीच 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के तहत नियुक्त अभ्यर्थियों की नौकरियां सुरक्षित रहेंगी।

हाईकोर्ट ने कहा कि आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा पार करने के लिए राज्य सरकार को ठोस आधार प्रस्तुत करना जरूरी है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27% OBC आरक्षण की याचिकाएं खारिज कर, सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में 14% आरक्षण बनाए रखने का फैसला किया। यह निर्णय OBC वर्ग के लिए आरक्षण नीतियों पर चल रही बहस में एक अहम मोड़ है। अदालत ने सामान्य वर्ग के पात्र उम्मीदवारों के लिए 13% पदों की नियुक्ति को तीन महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया। इस फैसले से OBC के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर सीमित हो सकते हैं, जबकि सामान्य वर्ग के लिए चयन प्रक्रिया तेज हो सकती है। जनता को यह स्पष्ट करेगा कि आरक्षण नीति में संतुलन और नि

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।