व्यापार

मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट कला श्रीलंका में बिखेरेगी अपनी छटा, अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकेगा धार का पारंपरिक शिल्प

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 25 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट कला श्रीलंका में बिखेरेगी अपनी छटा, अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकेगा धार का पारंपरिक शिल्प

बाग के शिल्पकार मोहम्मद आरिफ खत्री को ‘सीलोन क्राफ्ट वीक 2026’ में भागीदारी का आमंत्रण, 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कोलंबो में होगा आयोजन

भोपाल, 25 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। धार जिले के बाग के प्रसिद्ध शिल्पकार मोहम्मद आरिफ खत्री को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित होने वाले ‘इंडो-श्रीलंका सीलोन क्राफ्ट वीक 2026’ अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प व्यापार मेले में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन 29 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक होगा।

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में मोहम्मद आरिफ खत्री की भागीदारी से मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध बाग प्रिंट कला को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। प्राकृतिक रंगों, पारंपरिक तकनीकों और विशिष्ट छपाई शैली के लिए पहचान रखने वाली यह कला प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रीलंका में इसके प्रदर्शन से भारतीय हस्तशिल्प की बारीकियों और पारंपरिक शिल्पकारों के कौशल को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

भारत-श्रीलंका के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी मजबूती

‘इंडो-श्रीलंका सीलोन क्राफ्ट वीक 2026’ का संयुक्त आयोजन श्रीलंका सरकार के उद्योग एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय शिल्प परिषद तथा कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र द्वारा किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच पारंपरिक शिल्पकला, हस्तनिर्मित उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है।

मेले में केवल हस्तनिर्मित और हथकरघा उत्पादों के प्रदर्शन की अनुमति है। ऐसे में बाग प्रिंट के पारंपरिक वस्त्रों और हस्तनिर्मित उत्पादों को अपनी विशिष्ट पहचान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। यह मंच शिल्पकारों को अपनी कला की विशेषताओं से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को परिचित कराने और पारंपरिक हस्तकला के प्रति रुचि बढ़ाने में सहायक हो सकता है।

बाग प्रिंट: परंपरा, प्राकृतिक रंगों और हुनर की अनूठी पहचान

मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग क्षेत्र से जुड़ी बाग प्रिंट कला अपनी पारंपरिक छपाई तकनीक और प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल के लिए जानी जाती है। कपड़ों पर लकड़ी के ब्लॉकों की मदद से की जाने वाली छपाई में शिल्पकारों का अनुभव, धैर्य और कलात्मक कौशल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पीढ़ियों से चली आ रही यह कला स्थानीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को अपने भीतर समेटे हुए है।

शिल्पकार मोहम्मद आरिफ खत्री को अंतरराष्ट्रीय आयोजन में आमंत्रित किया जाना बाग प्रिंट कला की विशिष्टता को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर है। इससे पारंपरिक शिल्प के संरक्षण, शिल्पकारों की पहचान और हस्तनिर्मित उत्पादों की संभावनाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय शिल्प से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक

बाग प्रिंट कला की अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी मध्यप्रदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से भारतीय शिल्पकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने, विभिन्न देशों की शिल्प परंपराओं से परिचित होने और सांस्कृतिक संवाद के नए अवसर प्राप्त होते हैं।

बाग की मिट्टी से जुड़ी यह विशिष्ट कला अब कोलंबो में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। मोहम्मद आरिफ खत्री की भागीदारी से मध्यप्रदेश की पारंपरिक शिल्पकला और स्थानीय कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।