मध्यप्रदेश की SUMAN पंचायत पहल को राष्ट्रीय पहचान, अब देशभर में होगा विस्तार, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
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सुमन पंचायत और सुमन सखी चैटबॉट को SUMAN रोडमैप 2030 में मिली जगह
भोपाल, 3 सितंबर 2026। मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए मध्यप्रदेश में विकसित SUMAN पंचायत और SUMAN सखी चैटबॉट को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है।
लखनऊ में आयोजित नेशनल वर्कशॉप ऑन SUMAN रोडमैप 2030 में दोनों पहलों को सर्वश्रेष्ठ नवाचार (बेस्ट प्रैक्टिस) और अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य मॉडल के रूप में स्वीकार किया गया।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में समुदाय की भागीदारी, डिजिटल तकनीक और डेटा आधारित मॉनिटरिंग को लगातार मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इन नवाचारों से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी और पहुंच दोनों बेहतर हुई हैं। राष्ट्रीय कार्यशाला में मध्यप्रदेश की SUMAN पंचायत और SUMAN सखी चैटबॉट की कार्यप्रणाली का प्रस्तुतीकरण किया गया।
समुदाय आधारित जागरूकता, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच और महिलाओं को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने में इन पहलों की प्रभावशीलता को विशेष रूप से सराहा गया। अब इन मॉडलों को अन्य राज्यों में भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लागू किया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी दोनों पहलों को SUMAN रोडमैप 2030 की आधिकारिक गाइडलाइंस में शामिल किया है। इससे मध्यप्रदेश के सफल मॉडलों के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
SUMAN पंचायत के माध्यम से पंचायत स्तर पर सुरक्षित मातृत्व और नवजात स्वास्थ्य को सामुदायिक अभियान का स्वरूप दिया गया है। इस पहल के तहत यदि कोई ग्राम पंचायत लगातार एक वर्ष तक मातृ एवं शिशु मृत्यु दर शून्य बनाए रखती है तो उसे एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
वहीं SUMAN सखी चैटबॉट गर्भावस्था, प्रसव, नवजात शिशु की देखभाल और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से महिलाओं और परिवारों तक सरलता से पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इसका उद्देश्य समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में सक्षम बनाना है।
राष्ट्रीय कार्यशाला में मध्यप्रदेश के ANMOL 2.0 डैशबोर्ड का भी प्रदर्शन किया गया। यह प्लेटफॉर्म हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, ट्रैकिंग और फॉलोअप को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
इसके माध्यम से ऐसी महिलाओं की नियमित निगरानी और समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में स्वास्थ्य तंत्र को मदद मिलती है। डैशबोर्ड में संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
मध्यप्रदेश में विकसित SUMAN पंचायत और SUMAN सखी चैटबॉट, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बनाई गई नवाचार पहलें हैं। ये दोनों परियोजनाएँ लखनऊ में आयोजित नेशनल वर्कशॉप ऑन SUMAN रोडमैप 2030 में सर्वश्रेष्ठ नवाचार के रूप में मान्यता पाई। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि राज्य-स्तरीय पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है, जिससे अन्य राज्यों को भी समान मॉडल अपनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओ