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मध्यप्रदेश विधानसभा में ‘नेवा’ ई-विधान प्रणाली का शुभारंभ, अगले सत्र से डिजिटल होगी कार्यवाही

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मध्यप्रदेश विधानसभा में ‘नेवा’ ई-विधान प्रणाली का शुभारंभ, अगले सत्र से डिजिटल होगी कार्यवाही

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन ‘नेवा’ का शुभारंभ किया गया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस प्रणाली का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायकों को डिजिटल व्यवस्था से परिचित कराने के लिए ई-विधान प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी शुरुआत हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद ई-विधान परियोजना शुरू हुई है। उन्होंने बताया कि नई डिजिटल व्यवस्था अगले विधानसभा सत्र से लागू की जाएगी। ई-विधान प्रणाली के माध्यम से विधानसभा की कार्यवाही को अधिक सरल, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके लिए विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे डिजिटल प्रणाली का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकें और सदन की कार्यवाही में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल हो सके। इस पहल से विधानसभा की कार्यप्रणाली में डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए विधायकों को नई व्यवस्था की प्रक्रियाओं और सुविधाओं से अवगत कराया जाएगा।

कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के विधायक, मंत्री तथा विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। ‘नेवा’ प्रणाली की शुरुआत को मध्यप्रदेश विधानसभा के कामकाज में डिजिटल तकनीक के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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बाइट्स

नरेंद्र सिंह तोमर, विधानसभा अध्यक्ष अजय बिश्नोई, विधायक, पाटन

प्रियंका पेची, विधायक, चाचौड़ा अभिलाष पांडे, विधायक, जबलपुर

नितेंद्र सिंह राठौड़, कांग्रेस विधायक, पृथ्वीपुर

हरदीप सिंह डंग, भाजपा विधायक, सुवासरा

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मध्यप्रदेश विधानसभा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन ‘नेवा’ का शुभारंभ

अगले विधानसभा सत्र से लागू होगी डिजिटल व्यवस्था

विधायकों को ई-विधान प्रणाली के उपयोग का दिया जाएगा प्रशिक्षण

विधानसभा की कार्यवाही को सरल, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने की पहल

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।