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मध्यस्थता के जरिए विवादों का समाधान आपसी समझ और सहमति से होगा: प्राधिकरण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मध्यस्थता के जरिए विवादों का समाधान आपसी समझ और सहमति से होगा: प्राधिकरण

सितंबर 29, शिमला (हिमाचल प्रदेश): प्रदेश की अदालतों में लंबित मामलों के जल्द और आपसी सहमति से निपटारे के लिए मेडिएशन फॉर नेशन 3.0 विशेष मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है। यह देशव्यापी अभियान सुप्रीम कोर्ट की मेडिएशन एंड कंसिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (एमसीपीसी) के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

हिमाचल में यह अभियान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधवालिया के संरक्षण में चल रहा है। अभियान का उद्देश्य ऐसे लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाना है, जिनमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाल सकते हैं।

अभियान के तहत उपयुक्त लंबित मामलों की पहचान कर उन्हें मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा। इसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ पक्षकारों के बीच बातचीत कराकर ऐसा समाधान निकालने में मदद करेंगे, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार कर सकें। इससे लंबे समय तक चलने वाली अदालती प्रक्रिया से बचने और मामलों के जल्द निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।

हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने पक्षकारों, अधिवक्ताओं और अन्य संबंधित लोगों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। प्राधिकरण का कहना है कि मध्यस्थता के जरिए विवादों का समाधान आपसी समझ और सहमति से किया जा सकता है। इससे समय और खर्च दोनों की बचत हो सकती है।

मेडिएशन फॉर नेशन 3.0 के लिए सुप्रीम कोर्ट की एमसीपीसी ने विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार की है। इसमें अभियान के संचालन, मामलों की पहचान, मध्यस्थता के लिए रेफर करने और प्रक्रिया पूरी करने से जुड़ी रूपरेखा और समयसीमा तय की गई है। राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंजीत सिंह ने कहा कि अभियान का मकसद अदालतों में मामलों का बोझ कम करने के साथ लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मध्यस्थता के जरिए विवादों का समाधान आपसी समझ और सहमति से होगा: प्राधिकरण

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

मध्यस्थता से विवादों का समाधान सुलझाने की राह खुलती है। जब हम आपसी समझ और सहमति से बात करते हैं, तो हिंसा और संघर्ष की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। हर घरेलू झगड़े को संवाद से सुलझाना, आर्थिक मतभेदों को कानूनी रास्ते से निपटाना, और गुस्से को संयम से नियंत्रित रखना समाज को शांति और समृद्धि की ओर ले जाता है। यह अभियान हमें याद दिलाता है कि न्याय और सहानुभूति से ही हम एक बेहतर भविष्य बना सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।