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माफिया अतीक के बेटे अली अहमद की कोर्ट में पेशी:50 पुलिसकर्मियों के घेरे में 80 मीटर पैदल ले गई, समर्थकों की भीड़ पहुंची

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
माफिया अतीक के बेटे अली अहमद की कोर्ट में पेशी:50 पुलिसकर्मियों के घेरे में 80 मीटर पैदल ले गई, समर्थकों की भीड़ पहुंची

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के दूसरे नंबर के बेटे अली अहमद की सोमवार को प्रयागराज जिला कोर्ट में पेशी हुई। अली को झांसी जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रिजन वैन से प्रयागराज लाया गया। करीब 12 बजे प्रिजन वैन जिला कोर्ट पहुंची। इसके बाद पुलिस ने अली को वैन से उतारा और 80 मीटर पैदल ही कोर्ट नंबर-16 तक ले गई।

सुरक्षा के लिए 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मियों ने ह्यूमन चेन बनाकर अली को कोर्ट तक पहुंचाया। अली की पेशी की जानकारी मिलने पर उसके समर्थकों और अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या में भीड़ कोर्ट गेट पर जुट गई। अली को कोर्ट ले जाते समय पुलिस ने भीड़ को उससे दूर रखा। इस दौरान कोर्ट परिसर में काफी गहमागहमी रही।

पुलिसकर्मियों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर अली को कोर्ट नंबर-16 तक पहुंचाया। अली अहमद के खिलाफ करेली थाने में 11 अगस्त 2023 को मुकदमा दर्ज किया गया था। कसारी-मसारी निवासी अफजल ने मुकदमा दर्ज कराया था। एफआईआर में अली अहमद के अलावा फैजान, अल्तमश, असद और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया था।

मामले में आईपीसी की धारा 447, 341, 307, 386, 523, 504 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले में कोर्ट में सुनवाई के दौरान अली का बयान दर्ज किया गया। करीब ढाई घंटे की कार्रवाई के बाद दोपहर 2:30 बजे अली अहमद को कोर्ट से बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही उसके करीबी और समर्थक अली के पास पहुंचने की कोशिश करने लगे।

भीड़ में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल सुरक्षा घेरा मजबूत किया और अली को भीड़ से बचाते हुए कोर्ट गेट से बाहर निकाला। पुलिसकर्मी अली को कोर्ट गेट से एक पुलिस जीप में बैठाकर कुछ दूरी पर खड़ी प्रिजन वैन तक ले गए। जीप से उतरने के बाद अली तुरंत प्रिजन वैन में बैठ गया। इसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में प्रिजन वैन झांसी जेल के लिए रवाना हो गई।

पूरे घटनाक्रम के दौरान कोर्ट परिसर में पुलिस की भारी मौजूदगी रही।

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

माफिया के बेटे की अदालत में पेशी से यह स्पष्ट होता है कि न्याय व्यवस्था का पालन ही समाज की शांति का आधार है। हिंसा और अवैध शक्ति से बचकर, कानून के रास्ते पर चलना ही सबसे मजबूत विकल्प है। हमें अपने समाज को इस बात की याद दिलानी चाहिए कि हर व्यक्ति, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो, न्याय के समक्ष समान है। इस घटना से सीखें कि शांति, सहिष्णुता और कानून के प्रति सम्मान ही समाज को आगे बढ़ा सकते हैं।

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