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माफिया दिलीप मिश्रा के बेटे बने कुख्यात गैंगस्टर के गुर्गे:दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड की जांच में खुलासा, एक तिहाड़ में बंद, दूसरा STF के हत्थे चढ़ा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 23 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
माफिया दिलीप मिश्रा के बेटे बने कुख्यात गैंगस्टर के गुर्गे:दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड की जांच में खुलासा, एक तिहाड़ में बंद, दूसरा STF के हत्थे चढ़ा

पूर्वांचल में अपने आपराधिक नेटवर्क के लिए चर्चित रहे माफिया दिलीप मिश्रा का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा की वजह उसके दोनों बेटे हैं, जिनके दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े होने का खुलासा हुआ है। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया है कि माफिया का बड़ा बेटा आकाश पहले से जेल में बंद है, जबकि छोटा बेटा अनुराग हाल ही में गिरफ्तार किया गया है।

एसटीएफ के अनुसार, अनुराग को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह वर्ष 2025 में दिल्ली में हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार दलाल हत्याकांड में वांछित था। मामले में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी था। अनुराग ने यह भी स्वीकार किया कि उसका बड़ा भाई आकाश इसी मामले में गिरफ्तार होकर तिहाड़ जेल में बंद है।

छोटे बेटे से पूछताछ में खुला बड़ा राज एसटीएफ ने अनुराग को हाल ही में लखनऊ से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि वह दिल्ली में वर्ष 2025 में हुए प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार दराल हत्याकांड में वांछित था। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी था। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अनुराग ने बताया कि वह माफिया दिलीप मिश्रा की दूसरी पत्नी का बेटा है।

उसका बड़ा भाई आकाश इसी हत्याकांड में गिरफ्तार होकर तिहाड़ जेल में बंद है। पिता पर शिकंजा कसा तो दिल्ली पहुंचे दोनों भाई पूछताछ में यह भी सामने आया कि पिता दिलीप मिश्रा और उसके आपराधिक नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कसने के बाद दोनों भाई दिल्ली चले गए थे। वहीं आकाश की मुलाकात कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से हुई।

इसके बाद दोनों भाई इस गैंग से जुड़ गए। यहीं से दोनों की जिंदगी अपराध की उस दुनिया में पहुंच गई, जहां सुपारी किलिंग, हथियार और हत्या की साजिश जैसे मामले सामने आने लगे। लंदन में बैठकर रची गई हत्या की साजिश जांच के मुताबिक, दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार दराल की हत्या की साजिश लंदन में बैठे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने रची थी।

हत्या के लिए हरियाणा के शूटरों को सुपारी दी गई। एसटीएफ के मुताबिक, शूटरों को छिपाने, उन्हें हथियार और नकदी उपलब्ध कराने समेत साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में आकाश और अनुराग की ही मुख्य भूमिका रही। आकाश और अनुराग ने अपने गांव लवायन के रहने वाले पुष्कर पांडेय की मदद से हत्याकांड के दो शूटरों सूरज और तरनजीत को चित्रकूट ले जाकर करीब पांच से सात दिन तक छिपाया था।

यानी प्रयागराज से निकले इन दोनों भाइयों का कनेक्शन अब दिल्ली के चर्चित हत्याकांड और लंदन में बैठे गैंगस्टर तक पहुंच गया है। कौन है कपिल सांगवान उर्फ नंदू?

कपिल सांगवान उर्फ नंदू दिल्ली-एनसीआर का कुख्यात गैंगस्टर है। बताया जाता है कि वह फिलहाल लंदन में बैठकर अपना गैंग ऑपरेट कर रहा है। उस पर दिल्ली समेत कई जगहों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसका नेटवर्क व्यापारियों और कारोबारियों से जबरन वसूली के लिए बदनाम है।

रंगदारी न देने पर हत्या तक कराने के आरोप उसके गैंग पर लगे हैं। वर्ष 2023 में दिल्ली के उत्तम नगर में भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या के मामले में भी नंदू का नाम सामने आया था। हरियाणा के एक राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या के मामले में भी उसके कनेक्शन की जांच हुई थी।

नंदू का नाम दिल्ली के गैंगस्टर नीरज बवाना और मंजीत महल के विरोधी गैंग से भी जोड़ा जाता है। 54 मुकदमों वाला माफिया है दिलीप मिश्रा दिलीप मिश्रा का नाम प्रयागराज के चर्चित आपराधिक मामलों में रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ प्रयागराज के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत गंभीर धाराओं में 54 मुकदमे दर्ज हैं।

दिलीप मिश्रा को कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हुए आरडीएक्स हमले के मामले में भी आरोपी बनाया गया था। 12 जुलाई 2010 को प्रयागराज के बहादुरगंज इलाके में स्कूटी में छिपाकर रखे गए रिमोट कंट्रोल बम से नंदी पर हमला किया गया था। विस्फोट में नंदी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि वरिष्ठ पत्रकार विजय प्रताप सिंह, राकेश मालवीय समेत तीन लोगों की मौत हुई थी।

इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा, ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा और उनके करीबी शूटर आनंद पांडेय उर्फ पायलट समेत कई लोगों को आरोपी बनाया था। दिलीप मिश्रा मई 2020 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद है और वर्तमान में फतेहगढ़ जेल में निरुद्ध है। अब बेटों के अपराधी नेटवर्क ने बढ़ाई हलचल दिलीप मिश्रा पर पुलिस का शिकंजा कसने के बाद उसके दोनों बेटों का दिल्ली जाना और फिर कुख्यात नंदू गैंग से जुड़ना कई सवाल खड़े करता है।

फिलहाल उसके दोनों बेटे दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में हैं। हालांकि दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर से उनके जुड़ने के मोटिव और इसमें उनके मददगारों को खोजने में पुलिस टीमें जुट गई हैं। फिलहाल यह नया आपराधिक कनेक्शन प्रयागराज से लेकर दिल्ली तक पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए बड़ा इनपुट माना जा रहा है।

एसटीएफ कनेक्शन खंगालने में जुटी एसटीएफ के डिप्टी एसपी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार दलाल हत्याकांड में दिलीप मिश्रा के दोनों बेटे जेल में बंद हैं। यह हत्याकांड नंदू गैंग के इशारे पर अंजाम दिया गया था। दोनों के नंदू गैंग कनेक्शन की जांच शुरू कर दी गई है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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