महाकाल में जलाभिषेक के लिए 500 ML पानी की सीमा क्यों, क्या सुप्रीम कोर्ट ने शिवलिंग पर जल चढ़ाने से रोका था? जानिए पूरा मामला
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए 500 मिलीलीटर पानी की सीमा को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं. यह नियम शिवलिंग के क्षरण को लेकर 2017 में सामने आई विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और सुझावों से जुड़ा है. जांच में शिवलिंग की चट्टान, पानी, दूध, पंचामृत और पूजा सामग्री के प्रभाव का अध्ययन किया गया था. विशेषज्ञों ने पानी के pH और लंबे समय से हो रहे क्षरण को देखते हुए नियंत्रित मात्रा में अभिषेक की सलाह दी थी. ध्यान रहे, 500 मिलीलीटर की सीमा देश के हर शिव मंदिर पर लागू नहीं है, यह महाकालेश्वर मंदिर से जुड़ा विशेष नियम है.
📡 स्रोत: NewsData.io