महंगी गैस खरीद रहा भारत, बढ़ेंगे LPG सिलेंडर के दाम! कतर से सप्लाई रुकी
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अमेरिका और ईरान में छिड़ी जंग का खामियाजा पूरी दुनिया भुगत रही है. एनर्जी सप्लाई में आ रही रुकावटों के चलते ईंधन के दाम धड़ाधड़ बढ़ रहे हैं.
इस बीच लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई में भी कमी आई, जिससे कुछ एशियाई देशों की लागत काफी बढ़ गई है.
महंगे रेट पर खरीदने को मजबूर
फरवरी के आखिर में दोनों देशों में शुरू हुई जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बड़ा असर पड़ा है. यह एक महत्वपूर्ण शिपिंग रूट है.
इसके बंद होने से कतर से आने वाली एलएनजी (LNG) की सस्ती सप्लाई भी रुक गई है. कतर इन देशों के लिए सबसे बड़ा गैस सप्लायर था.
अब एशियाई देशों को पावर स्टेशन और इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले इस फ्यूल की तय सप्लाई नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें स्पॉट मार्केट का रुख करना पड़ रहा है, जहां कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं.
अब जाहिर सी बात है कि पावर स्टेशनों और फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाली गैस महंगी होगी, तो आगे आने वाले समय में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं और खाद, प्लास्टिक और स्टील जैसे फैक्ट्रियों में बनने वाले सामान महंगे हो सकते हैं.
दोगुने से ज्यादा कीमत पर खरीद
ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन को छोड़कर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों ने जंग शुरू होने के बाद ये स्पॉट LNG पर कुल मिलाकर 7.4 अरब डॉलर खर्च किए हैं.
जहां पिछले साल इन देशों कोइतनी गैस के लिए करीब 3.1 अरब डॉलर देने पड़े थे.
यानी कि इन्हें अब दोगुने से भी ज्यादा का भुगतान करना पड़ रहा है क्योंकि पहले से तय सस्ते कॉन्ट्रैक्ट वाली गैस आना बंद हो गया है.
भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के लिए 4.3 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च (7.4 अरब डॉलर और 3.1 अरब डॉलर का अंतर) एक बहुत बड़ा वित्तीय झटका है.
इन पैसों का इस्तेमाल विकास कार्यों या इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जा सकता था.
वैकल्पिक ईंधनों का सहारा
कीमतों में इस बड़े अंतर को
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar