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महापौर और नगर आयुक्त फिर आमने-सामने:मंगल भवन में बेटे की कमेटी को जबरन बहाल किया,नगर आयुक्त बोले-शासन से लेंगे कमेंट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
महापौर और नगर आयुक्त फिर आमने-सामने:मंगल भवन में बेटे की कमेटी को जबरन बहाल किया,नगर आयुक्त बोले-शासन से लेंगे कमेंट

कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में शुक्रवार को एक बार फिर मंगल भवन समेत तीन बड़े मुद्दों को लेकर महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय आमने-सामने आ गए। मंगल भवन की समिति भंग करने, कन्वेंशन सेंटर का टेंडर करने और 15 प्रतिशत से बिलो टेंडर डालने की अनुमति देने के फैसलों पर महापौर ने कड़ी आपत्ति जताई।

इसके बाद कार्यकारिणी ने तीनों फैसलों को निरस्त करने का दावा किया है। जबकि इन तीनों मामलों में नगर आयुक्त से बात की गई तो उन्होंने ने बताया कि कन्वेंशन सेंटर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बना है, इसमें कार्यकारिणी का कोई दखल नहीं हो सकता है। मंगल भवन मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर पुरानी कमेटी को निरस्त किया गया है।

इसे बहाल करना अनैतिक होगा। शासन की नीति के मुताबिक 15 प्रतिशत बिलो टेंडर डालने की अनुमति नियम संगत है। इन तीनों मामलों में महापौर के जबरन हस्ताक्षेप करने के बाद नगर आयुक्त ने एक रिपोर्ट शासन को भेजकर लीगल कमेंट मांगने की बात कही है। इसी आधार पर आगे फैसला होगा। इन तीन मुद्दों पर नगर आयुक्त से मांगा जवाब बुधवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में मंगल भवन की समिति, कन्वेंशन सेंटर के टेंडर और 15 प्रतिशत से बिलो पर टेंडर डालने की अनुमति से जुड़े सवालों पर नगर आयुक्त स्पष्ट जवाब नहीं दे सके थे।

इसके चलते बैठक स्थगित कर दी गई थी। शुक्रवार को बैठक दोबारा शुरू हुई तो पार्षदों ने इन फैसलों पर सवाल उठाए। महापौर ने नगर आयुक्त से पूछा कि कार्यकारिणी या सदन की अनुमति के बिना महत्वपूर्ण फैसले कैसे लिए गए। कार्यकारिणी ने मंगल भवन की भंग की गई समिति पुन: बहाल कर दी, कन्वेंशन सेंटर का टेंडर निरस्त कर दिया और 15 प्रतिशत से बिलो टेंडर डालने का फैसला भी रद्द कर दिया।

1– मंगल भवन में बेटे की कमेटी को जबरन बहाल किया बृजेन्द्र स्वरूप पार्क में मांगलिक कार्यक्रमों के लिए बने मंगल भवन की कमेटी को लेकर बैठक में फिर से महापौर और उनके समर्थक पार्षदों ने हंगामा खड़ा कर दिया। महापौर ने कहा कि उनके बेटे वाली कमेटी को बगैर सदन में रखे हुए निरस्त किया गया है।

इसके बाद उसे खुद ही बहाल करने का आदेश जारी कर दिया। जबकि इस मामले में नगर आयुक्त ने बताया कि शिकायत के आधार पर इस मामले में मंडलायुक्त की कमेटी ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर 22 सितंबर को निरस्त किया गया था। मंगल भवन के निर्माण कार्य की निगरानी के लिए एक समिति बनाई गई थी, जबकि दूसरी समिति निर्माण के बाद उसके रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही थी।

संचालन कमेटी को लेकर कार्यकारिणी में पूर्व में कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ है। इसके बाद भी संचालन और रखरखाव से जुड़ी समिति बनाई गई और इसमें महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी समेत कुल 10 सदस्य थे। इनमें छह सदस्य नगर निगम के अभियंत्रण, संपत्ति और अन्य विभागों से जुड़े थे, जबकि चार सदस्य केजेसीआई कंपनी से थे।

2– कन्वेंशन सेंटर का टेंडर रद्द किया महापौर प्रमिला पांडेय ने कन्वेंशन सेंटर के संचालन व रखरखाव के लिए तय हुई बालाजी इंटरप्राइजेज कंपनी को देने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कन्वेंशन सेंटर नगर निगम की जमीन पर स्मार्ट सिटी के सहयोग से बनाया गया है। सदन में तय हुआ था कि इससे होने वाली इनकम नगर निगम और स्मार्ट सिटी के बीच 50-50 प्रतिशत बांटी जाएगी।

महापौर ने पूछा कि जब यह व्यवस्था पहले से तय थी तो कार्यकारिणी या संबंधित समिति की संस्तुति के बिना टेंडर किस आधार पर कर दिया गया। उन्होंने सेंटर से होने वाली आय का ब्योरा भी मांगा। नगर आयुक्त बैठक में आय से संबंधित जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद कार्यकारिणी ने टेंडर निरस्त करने का फैसला लिया।

3– 15% से कम दर पर टेंडर की अनुमति भी रद्द नगर निगम में विकास कार्यों के टेंडर को लेकर भी विवाद हुआ। महापौर ने कहा कि सदन पहले ही 15 प्रतिशत से बिलो टेंडर डालने पर रोक लगा चुका था। इसके बावजूद कार्यकारिणी या सदन को जानकारी दिए बिना नियम में बदलाव कैसे किया गया और इससे ऊपर भी टेंडर डालने की अनुमति किस आधार पर दी गई।

इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के शासनादेश के तहत यह अनुमति दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला एजेंडे में शामिल नहीं था, इसलिए तत्काल जवाब देना संभव नहीं है। हालांकि, चर्चा के बाद कार्यकारिणी ने टेंडर 15 प्रतिशत से अधिक बिलो डालने के अफसरों के फैसले को निरस्त कर दिया। नगर आयुक्त की ओर से इन मामलों में शासन से टिप्पणी लेने की बात भी कही गई।

पार्किंग की जमीन पर पार्क बनाने की मांग, NOC निरस्त बैठक में मुंशीपुरवा स्थित राम किशोर धर्मशाला के पास खाली जमीन का मामला भी उठा। पहले इस जमीन पर पार्किंग बनाने के प्रस्ताव को कार्यकारिणी ने पूर्व पार्षद अशोक पाल के प्रस्ताव पर मंजूरी दी थी। अब सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी इसी जमीन पर पार्क बनवाना चाहते हैं।

इसके लिए उन्होंने नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मांगा था। कार्यकारिणी ने इस मामले पर विचार करने के बाद एनओसी निरस्त कर दी। इससे जमीन के इस्तेमाल को लेकर चल रही प्रक्रिया पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। 50 वार्डों को 20-20 लाख रुपये देने पर सहमति विकास कार्यों के लिए कार्यकारिणी ने 10 और वार्डों को 20-20 लाख रुपये देने पर सहमति जताई।

इस राशि से लाइटिंग और पार्क से संबंधित कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही ऐसे वार्डों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। बैठक में 10 नामित पार्षदों को भी 20-20 लाख रुपये के विकास कार्य कराने की स्वीकृति दी गई। नामित पार्षद इस धनराशि से किसी भी क्षेत्र में विकास कार्य करा सकेंगे। पार्कों की सफाई और स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने के निर्देश महापौर ने नवरात्र को देखते हुए शहर के सभी पार्कों और मैदानों में साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।

साथ ही दीपावली से पहले शहर की स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त कराने को कहा। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से प्रतिदिन करीब 2,300 से 2,500 स्ट्रीट लाइटें ठीक की जा रही हैं। इस दौरान पनकी स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट के निजी हाथों में जाने के बाद वहां तैनात करीब 100 कर्मचारियों का मुद्दा भी उठा।

महापौर ने पूछा कि प्लांट में तैनात रहे इन कर्मचारियों को अब कहां लगाया गया है। इस पर नगर आयुक्त ने जानकारी लेकर बताने की बात कही। बैठक में इस मुद्दे पर भी नगर निगम प्रशासन से स्पष्ट जानकारी मांगी गई।

📡 स्रोत: NewsData.io

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