महराजगंज में गंडक बैराज पर 4 लाख क्यूसेक पानी पहुंचा:नेपाल के देवघाट से 4.78 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →महराजगंज। नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। रविवार सुबह 6 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 4 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। नदी में पानी का दबाव बढ़ने से गंडक नदी से जुड़े निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन की ओर से नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दिया गया है गंडक बैराज वाल्मीकिनगर की ओर से जारी सुबह 6 बजे के बुलेटिन के अनुसार बैराज के अपस्ट्रीम में पानी का डिस्चार्ज 4,00,000 क्यूसेक दर्ज किया गया। अपस्ट्रीम जलस्तर 361.90 फीट रहा, जबकि डाउनस्ट्रीम जलस्तर 360.30 फीट दर्ज किया गया।
डाउनस्ट्रीम की ओर भी 4,00,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बुलेटिन में ईएमसी और एमडब्ल्यूसी दोनों का डिस्चार्ज निल बताया गया है। वहीं नेपाल के देवघाट में रविवार तड़के 3:45 बजे 4,78,000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। वहां भी पानी का ट्रेंड बढ़ने की स्थिति में बताया गया है।
देवघाट से बढ़े डिस्चार्ज का असर आगे चलकर गंडक नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। महराजगंज जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में पहले ही बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गंडक के साथ जिले की अन्य नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर है। संभावित बाढ़ को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और तटबंधों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
जिला प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। लोगों को नदी, नालों और जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन की सूचना का पालन करने की सलाह दी गई है। लगातार बढ़ रहे पानी के बीच निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है।
📡 स्रोत: NewsData.io