महाराष्ट्र के आदिवासी हॉस्टल में 30 साल उम्र सीमा खत्म:राहुल के कार्यक्रम के बाद फडणवीस सरकार का ऐलान; 13 दिन से जारी था आंदोलन
महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी हॉस्टल में एडमिशन के लिए 30 साल की उम्र सीमा खत्म कर दी है। सरकार का यह फैसला पुणे में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के 3 दिन बाद आया है, जिसमें एक युवती ने यह मुद्दा उठाया था।
राहुल ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेटर भी लिखा और छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याएं हल करने की मांग की थी।
पुणे के मांजरी में आदिवासी छात्र हॉस्टल में एडमिशन के नियम, सुविधाओं और सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर 13 दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। 30 साल की उम्र सीमा वाला नियम वापस लिया आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी के बाद 14 अगस्त 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) और उससे जुड़े संशोधित नियम वापस ले लिए गए हैं।
इसके साथ ही सरकारी आदिवासी हॉस्टल में दाखिले के लिए लागू 30 साल की अधिकतम उम्र सीमा भी खत्म कर दी गई। सरकार ने यह फैसला छात्रों की मांगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए सुझावों पर विचार करने के बाद लिया है।
मंत्री ने अधिकारियों को हॉस्टल में दाखिले की प्रक्रिया, सुविधाओं, प्रशासन, निगरानी और निरीक्षण से जुड़े नियमों में सुधार करने के निर्देश भी दिए हैं। 13 दिन से आंदोलन, छात्रों की तबीयत भी बिगड़ी आदिवासी छात्रों का आंदोलन 13 अगस्त से शुरू हुआ था।
पुणे के मांजरी स्थित आदिवासी हॉस्टल में छात्रों ने धरना शुरू किया और बाद में कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। भूख हड़ताल के दौरान कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई थी।
छात्रों की मुख्य मांगों में 30 साल की उम्र सीमा खत्म करना, हॉस्टल की सुविधाओं में सुधार और आदिवासी छात्रों से जुड़े पुराने मुद्दों का समाधान शामिल था। उनका आरोप था कि नए नियमों से उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कई आदिवासी छात्रों के लिए सरकारी हॉस्टल की सुविधा बंद हो सकती है।
राहुल गांधी ने फडणवीस को लिखा था पत्र राहुल गांधी ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आंदोलन में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की थी। उन्होंने पुणे में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में आदिवासी छात्राओं की ओर से बताई गई समस्याओं का जिक्र किया। र
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar