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महाराष्ट्र में हिंगोली के पटाखा गोदाम में आग, 2 मौतें:7 लोग झुलसे; आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड भी जली

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
महाराष्ट्र में हिंगोली के पटाखा गोदाम में आग, 2 मौतें:7 लोग झुलसे; आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड भी जली

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में सोमवार रात पटाखों के गोदाम में आग लग गई। हादसा रात 8 बजे मारवाड़ी गली में हुआ। आग तेजी से फैली और पटाखे फटने से रुक-रुककर धमाके हुए। इससे इलाके में दहशत फैल गई। आग से कुछ घर और गली में खड़े दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। यह पटाखा गोदाम गोपाल बस्तवार का बताया गया है।

2 लोगों के शव मिले हैं। बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पाई है। जबकि 7 लोग झुलस गए हैं। आग बुझाने के लिए पहुंची दमकल विभाग की एक गाड़ी भी जल गई। साथ ही 2 कर्मियों के जलने की भी खबर है। हादसे की 2 तस्वीरें… तंग गलियों के कारण रेस्क्यू में परेशानी फायर ब्रिगेड के अधिकारी ने बताया कि हिंगोली शहर का यह पुराना हिस्सा काफी भीड़भाड़ वाला है।

यहां की संकरी गलियों के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में परेशानी हुई। मौके पर जुटी लोगों की भीड़ ने भी राहत और बचाव दल की मुश्किलें बढ़ाईं। आग लगने की वजह का पता बाद में चलेगा। मुंबई में भी BEST के बस डिपो में आग से 12 बसें जलीं इससे पहले सोमवार शाम को मध्य मुंबई में बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) के अनिक बस डिपो में आग लगने से बारह नई बसें जलकर खाक हो गईं, हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

BEST के प्रवक्ता ने बताया कि आग शाम 5:45 बजे अनिक डिपो यार्ड में लगी और इसमें वहां खड़ी कुछ CNG बसें चपेट में आ गईं। कम से कम चार दमकल गाड़ियां, पांच पानी के टैंकरों ने एक घंटे के बाद आग पर काबू पाया। जलकर खाक हुईं 12 बसें नई बसों की खेप का हिस्सा थीं और आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि उन्होंने मौके पर धमाकों की आवाज सुनी और दूर से ही घना काला धुआं दिखाई दे रहा था। उन्होंने दावा किया कि बसों के CNG टैंक फट गए। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र में सरकारी अस्पताल में आग, 3 बच्चों की मौत: 36 को बचाया महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल के NICU में पिछले महीने आग लगने की घटना हुई थी।

तीसरी मंजिल पर बने इस चाइल्ड केयर यूनिट में उस समय 39 नवजात भर्ती थे। इनमें 3 नवजातों की मौत हो गई। 36 को बचाया गया। पढ़ें पूरी खबर…

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में एक पटाखा गोदाम में लगी आग ने 2 लोगों की मौत और 7 घायल होने का कारण बना। यह घटना पटाखों के भंडारण के खतरों को उजागर करती है, क्योंकि गोदाम की अनियंत्रित स्थिति और सुरक्षा मानकों की कमी ने आग को तेज़ी से फैलने दिया। इस तरह की दुर्घटनाएँ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामान्य हैं, जहाँ पटाखों का भंडारण अक्सर सुरक्षित ढंग से नहीं किया जाता। ऐसे हादसों से आम जनता पर गहरा असर पड़ता है—परिवारों को आर्थिक और भावनात्मक क्षति, दुर्घटना के बाद स्वास्थ्य समस्याएँ, तथा स्थ

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

हिंगोली की इस दुखद घटना से हमें याद आता है कि सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। पटाखों के भंडारण में उचित दूरी, धूम्रपान से परहेज़ और नियमित निरीक्षण ज़रूरी है। आपात स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाएँ और पड़ोसियों को सतर्क रखें। इस आपदा से सीखें कि रोकथाम ही सबसे बड़ा इलाज है।

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