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महाराष्ट्र में नवरात्रि पर गरबा में मुस्लिम बैन:आधार कार्ड जांच और तिलक से पहचान के बाद एंट्री; विहिप नियम जारी किए

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
महाराष्ट्र में नवरात्रि पर गरबा में मुस्लिम बैन:आधार कार्ड जांच और तिलक से पहचान के बाद एंट्री; विहिप नियम जारी किए

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा-डांडिया में मुस्लिमों को शामिल नहीं होने देने का फैसला किया है। विहिप ने आयोजकों के लिए नियम तय किए हैं। इनमें आने वालों के आधार कार्ड की जांच और हिंदू पहचान की पुष्टि के लिए माथे पर तिलक लगाने को कहा गया है।

राज्य में नवरात्रि में एक लाख से ज्यादा जगहों पर गरबा होता है। विहिप ने कहा- लव जिहाद रोकने के लिए नियम बनाए गए हैं। विहिप बोली- नवरात्रि देवी की आराधना का पर्व विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने कहा- नवरात्रि सिर्फ नाच-गाने का आयोजन नहीं, बल्कि देवी की आराधना का पर्व है।

पाबंदियों का मकसद किसी समुदाय का विरोध नहीं है। विहिप इन्हें एहतियाती कदम मानता है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन कराने के लिए गरबा मंडपों में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के निगरानी दस्ते तैनात रहेंगे। सार्वजनिक मंडल 25-30 हजार, 40 हजार तक भीड़ महाराष्ट्र में 25 से 30 हजार सार्वजनिक गरबा मंडल हैं।

मुंबई महानगर में 3 हजार से ज्यादा हैं। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में 50 से 70 बड़े मैदानों पर व्यावसायिक आयोजन होते हैं। इनमें रोज 10 से 40 हजार लोग जुटते हैं। गरबा में पहचान छिपाकर आने के आरोप नवरात्रि में गरबा कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों के शामिल होने के मामले सामने आते रहे हैं।

कई बार पहचान छिपाकर गरबा में आने की शिकायतें भी हुई हैं। मध्य प्रदेश में राज्य सरकार की पहचान पत्र जांच की अपील के बाद कई गरबा आयोजकों ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई थी।

इंदौर में कुछ लोगों पर पहचान छिपाकर पंडाल में घुसने का आरोप लगा और पुलिस ने गिरफ्तारियां कीं। --------------------------- महाराष्ट्र की ये खबर भी पढ़ें… छत्रपति संभाजीनगर के अस्पताल में आग, 9 नवजात बचाए गए; VIDEO महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक प्राइवेट अस्पताल के NICU (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट)) में आग लग गई।

घटना के समय वार्ड में 9 नवजात भर्ती थे। अस्पताल प्रशासन ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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