महाराष्ट्र SIR पर बॉम्बे HC में सुनवाई 3 हफ्ते के लिए टली
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नई दिल्ली, 05 अक्टूबर: बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रोसेस को लागू करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई तीन हफ्ते के लिए टाल दी है।सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट को SIR प्रोसेस से जुड़ी याचिकाओं पर आगे कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। इसी आदेश के तहत बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनवाई टाल दी।
याचिका में चिंता जताई गई है कि SIR प्रोसेस की वजह से महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट से लगभग 2.1 करोड़ नाम बाहर हो सकते हैं। याचिका में महाराष्ट्र में SIR प्रोसेस लागू करने के फैसले के बारे में अधिक जानकारी देने की मांग की गई है। इसमें फैसले के लिए दर्ज कारण, अपनाया गया तरीका और इसे लागू करने का कानूनी आधार शामिल हैं।
इसके साथ ही याचिका में यह सुनिश्चित करने के लिए उचित सुरक्षा उपायों की भी मांग की गई है कि योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर न हों और गलती से बाहर हुए किसी भी नाम को वापस लाया जा सके।
फोटो: बॉम्बे हाई कोर्ट .
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर तीन हफ्ते के लिए सुनवाई टालने के निर्णय के बारे में है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि SIR चुनाव के दौरान मतपत्रों की जाँच के लिए इस्तेमाल होने वाली एक तेज़ प्रक्रिया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्टों को आगे न बढ़ाने का निर्देश दिया है। इस निर्णय से चुनाव आयोग और मतदाताओं पर असर पड़ सकता है, क्योंकि SIR के बिना चुनाव परिणामों की पुष्टि में देरी हो सकती है, जिससे चुनावी प्रक्रियाओं में