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महाराष्ट्र TET पेपर लीक-जूते के सोल में छिपाकर पेपर निकाले:आरोपियों ने ₹8 हजार लिए थे; 28 जून की परीक्षा सरकार ने रद्द की थी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
महाराष्ट्र TET पेपर लीक-जूते के सोल में छिपाकर पेपर निकाले:आरोपियों ने ₹8 हजार लिए थे; 28 जून की परीक्षा सरकार ने रद्द की थी

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के पेपर आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस से जूते के सोल में छिपाकर बाहर निकाले गए थे। ठाणे पुलिस की करीब 3,500 पन्नों की चार्जशीट में इसका खुलासा हुआ है। पेपर बाहर निकालने के बदले आरोपियों को सिर्फ ₹8 हजार दिए गए थे। उन्हें आगरा में जमीन के प्लॉट देने का वादा भी किया गया था।

ठाणे पुलिस ने शुक्रवार को भिवंडी की स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इसमें मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है। गुप्ता का नाम इससे पहले ओडिशा के एक पेपर लीक मामले में भी सामने आ चुका है। 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अशोक साव और प्रकाश मिसाल फरार हैं।

28 जून को होने वाली TET परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हो गया था। इसके बाद महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल (MSEC) ने परीक्षा स्थगित कर दी थी। आगरा की महीम पटरन प्राइवेट लिमिटेड प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुए थे डीसीपी पवन बंसोड़ को सूचना मिली थी कि 3 लोग भिवंडी के एक व्यक्ति को परीक्षा के पेपर बेचने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके बाद पुलिस ने कोंगांव इलाके में आरोपियों को पकड़ा। उनके पास से पेपर के 4 सेट मिले। जांच में महाराष्ट्र स्टेट काउंसिल ऑफ एग्जामिनेशन (MSCE) के अधिकारियों ने इन्हें असली बताया। चार्जशीट के मुताबिक, पेपर आगरा की महीम पटरन प्राइवेट लिमिटेड प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुए थे। इसी प्रेस में TET परीक्षा के गोपनीय पेपर छापे जा रहे थे।

15 से 17 जून के बीच प्रेस के 2 कर्मचारियों और एक पूर्व कर्मचारी ने पेपर के पन्नों को मोड़कर जूतों के सोल में छिपा लिया। प्रेस में सिक्योरिटी गार्ड कपड़ों की तलाशी लेते थे, लेकिन जूतों की जांच नहीं करते थे। आरोपियों ने इसी का फायदा उठाकर पेपर बाहर निकाले। परीक्षा में नकल रोकने के लिए TET के 2 पेपरों के 4 अलग-अलग सेट तैयार किए गए थे।

इनमें से एक सेट परीक्षा के दिन इस्तेमाल होना था। आरोपियों ने चारों सेट प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाल लिए थे। क्‍या है TET एग्‍जाम टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जो यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8 तक) में टीचर बनने के योग्य है या नहीं।

इस परीक्षा को नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (NCTE) ने 2010 में अनिवार्य कर दिया

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के पेपर को जूते के सोल में छिपाकर आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकालने की घटना को ठाणे पुलिस ने 3,500 पन्नों की चार्जशीट में उजागर किया। यह विषय शिक्षा व्यवस्था की अखंडता पर सवाल उठाता है, क्योंकि परीक्षा की विश्वसनीयता और न्यायसंगतता सीधे शिक्षकों के चयन को प्रभावित करती है। खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह दिखाती है कि उच्च स्तर पर भी भ्रष्टाचार के जाल मौजूद हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों का भरोसा टूट सकता है। यदि इस तरह के कदाचार से निपटा नहीं गया तो

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

महाराष्ट्र TET पेपर लीक की घटना से यह स्पष्ट होता है कि शैक्षिक प्रतिष्ठा को धोखा देना समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। हमें ईमानदारी और पारदर्शिता को प्राथमिकता देकर ऐसे कृत्यों का मुकाबला करना चाहिए। यदि कोई भ्रष्टाचार या अनुचित लाभ की आशंका हो, तो उसे तुरंत संबंधित प्राधिकरणों को रिपोर्ट करें और कानूनी मार्ग अपनाएँ। इस तरह हम न केवल शिक्षा की शुद्धता बचाते हैं, बल्कि समाज में विश्वास और न्याय की भावना को भी मजबूत करते हैं।

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