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महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर दुनिया भर में भारतीय दूतावासों ने किया कार्यक्रमों का आयोजन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर दुनिया भर में भारतीय दूतावासों ने किया कार्यक्रमों का आयोजन

आज विश्व भर में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्‍चायोगों ने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उनके सत्य, अहिंसा और शांति के संदेश को याद किया।

चीन में, भारतीय राजदूत विक्रम दोरैस्वामी ने भारतीय समुदाय और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के साथ पेइचिंग में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। चीनी कलाकारों ने संगीतमय श्रद्धांजलि दी, जबकि प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों ने महात्‍मा गांधी के लोकप्रिय भजन प्रस्‍तुत किए।

जापान में, भारत की राजदूत नागुमा मल्लिक और भारतीय समुदाय के सदस्यों ने टोक्यो के एडोगावा में महात्‍मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में अंत्योदय, स्वच्छता और समाज सेवा के उनके आदर्शों को दर्शाया गया।

पाकिस्तान, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, बहरीन और दक्षिण कोरिया में भी इसी तरह के स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय उच्‍चायोगों ने महात्मा गांधी की शिक्षाओं और आज के समय में उनकी प्रासंगिकता पर बल दिया। कई देशों में आयोजित समारोहों में संगीतमय प्रस्तुतियां, भक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। मंगोलिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की में स्थित भारतीय उच्‍चायोगों ने भी गांधी जयंती मनाई।

इन समारोहों के दौरान अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी मनाया गया। इसके अंतर्गत कई स्थानों पर सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए गए।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर विश्वभर में भारतीय दूतावासों ने सत्य, अहिंसा और शांति के संदेश को याद करते हुए कार्यक्रमों का आयोजन किया। यह विषय गांधीजी के आदर्शों की वैश्विक प्रासंगिकता और भारतीय विदेश नीति में सांस्कृतिक कूटनीति की भूमिका को दर्शाता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि भारत अपने ऐतिहासिक व्यक्तित्व को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कैसे प्रस्तुत करता है और विदेशों में भारतीय समुदाय को एकजुट करता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग गांधीजी के मूल्यों को फिर स

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।