महेशवास पहाड़ी हादसे में दूसरे मजदूर का शव मिला
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रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बुधवार सुबह 8 बजे मलबे से निकाला शव; अवैध खनन के आरोपों की जांच की मांग
जोबनेर,(14 अक्टूबर)। जयपुर ग्रामीण के जोबनेर क्षेत्र के महेशवास गांव स्थित पत्थरों की खान में पहाड़ी का हिस्सा ढहने से दबे दूसरे मजदूर का शव बुधवार सुबह मलबे से बाहर निकाल लिया गया। मंगलवार शाम हुए हादसे के बाद से ही SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी थीं। रातभर चले अभियान के बाद सुबह करीब 8 बजे मजदूर का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है।
जानकारी के अनुसार, महेशवास पहाड़ी पर मंगलवार शाम करीब 4 बजे लगभग 60 फीट ऊंची पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक ढह गया था। पहाड़ी से हजारों टन पत्थर नीचे खदान में गिरने से वहां काम कर रहे दो मजदूर मलबे में दब गए थे। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा बचाव अभियान शुरू किया गया।
एक मजदूर को पहले ही घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि दूसरे मजदूर की तलाश जारी थी। मलबे में दबे मजदूर को निकालने के लिए SDRF और सिविल डिफेंस की टीमों ने रातभर युद्धस्तर पर अभियान चलाया। बचाव कार्य में आधा दर्जन JCB और पोकलेन मशीनों की मदद ली गई।
भारी मात्रा में पत्थर और मलबा जमा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार बुधवार सुबह करीब 8 बजे मजदूर का शव बाहर निकाल लिया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी देर रात से ही घटनास्थल पर मौजूद रहे। सांभर एसडीएम ऋषिराज कपिल और एएसपी नीरज पाठक सहित अधिकारियों ने बचाव अभियान की निगरानी की।
जोबनेर डीएसपी पन्नालाल जांगिड़, रेनवाल थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार, मौखमपुरा थाना प्रभारी सुरेश गुर्जर और फुलेरा थाना प्रभारी हीरालाल सैनी सहित पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा। जोबनेर थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा ने बताया कि रात से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था। बुधवार सुबह करीब 8 बजे मलबे में दबे मजदूर का शव बाहर निकाल लिया गया।
इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पहाड़ी पर अवैध खनन होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी पर खनन गतिविधियों को लेकर जांच की जानी चाहिए। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और खनन की वैधता को लेकर स्थिति संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
महेशवास पहाड़ी हादसे ने क्षेत्र में खनन गतिविधियों के दौरान सुरक्षा इंतजामों और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।