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महिला के खाते से 1.32 लाख निकालने वाला गिरफ्तार:₹15 हजार का था इनाम, आधार की जानकारी लेकर लगवाया अंगूठा, तीन बार में निकाले रुपए

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
महिला के खाते से 1.32 लाख निकालने वाला गिरफ्तार:₹15 हजार का था इनाम, आधार की जानकारी लेकर लगवाया अंगूठा, तीन बार में निकाले रुपए

बलरामपुर में कोतवाली नगर पुलिस ने शादी का सरकारी अनुदान दिलाने के नाम पर महिला के खाते से 1.32 लाख रुपए निकालने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी संतोष कुमार वर्मा पर पुलिस ने 15 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वह मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस ने शुक्रवार रात तुलसीपुर रोड स्थित बिजलीपुर गांव के मोड़ के पास निर्माणाधीन हाईवे से उसे पकड़ा।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने महिला को शादी अनुदान दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद सीएचसी केंद्र पीपल तिराहा स्थित माधुरी लॉज के बगल डीके सर्विस सेंटर पर महिला के आधार से जुड़ी जानकारी ली और उसका अंगूठा लगवाया। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के जरिए महिला के खाते से तीन बार में 70 हजार, 8 हजार और 54 हजार रुपए निकाल लिए गए।

कुल 1 लाख 32 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई। कोर्ट ने जारी किया था गैर-जमानती वारंट महिला की शिकायत पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा संख्या 125/2025 दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 316(2), 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया था। घटना के बाद से संतोष फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

इसके बाद एसपी ने उस पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। मुखबिर की सूचना पर दबोचा एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी तुलसीपुर रोड की ओर है।

पुलिस टीम ने बिजलीपुर गांव के मोड़ के पास निर्माणाधीन हाईवे पर घेराबंदी कर संतोष कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इनकी रही गिरफ्तारी में भूमिका गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष कुमार वर्मा पुत्र जय जयराम वर्मा, निवासी धनौरा सेमरी गुलरिहा, थाना महराजगंज तराई, बलरामपुर के रूप में हुई है।

पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार यादव, हेड कांस्टेबल अहमद हुसैन और कांस्टेबल सूरज सिंह शामिल रहे।

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक धोखाधड़ी से बचने के लिए हमें अपनी वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखना चाहिए और किसी भी अनजान प्रस्ताव पर तुरंत संदेह करना चाहिए। जब किसी पर भरोसा टूटता है, तो कानूनी मार्ग अपनाना सबसे बेहतर है—साक्ष्य इकट्ठा करके पुलिस और अदालत से मदद ली जाए। समाज को चाहिए कि हम एक-दूसरे की सहायता करें, जागरूकता बढ़ाएँ और धोखाधड़ी के खिलाफ सामूहिक रूप से कड़ी कार्रवाई करें।

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