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महिलाओं से सरकारी योजनाओं के नाम पर लाखों की ठगी:शामली में दो गांवों की महिलाओं से फॉर्म भरवाकर 15 लाख रुपये हड़पे, एसपी से शिकायत की

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
महिलाओं से सरकारी योजनाओं के नाम पर लाखों की ठगी:शामली में दो गांवों की महिलाओं से फॉर्म भरवाकर 15 लाख रुपये हड़पे, एसपी से शिकायत की

शामली में सरकारी योजनाओं के तहत विधवा पेंशन और आवास दिलाने के नाम पर महिलाओं से लाखों रुपये लेने का मामला सामने आया है। थानाभवन क्षेत्र के हरड़फतेहपुर और भाजू गांव की दो महिलाओं ने शुक्रवार को 1:00 बजे पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर एक व्यक्ति पर ठगी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर महिलाओं से फॉर्म भरवाए गए और बाद में निरीक्षण के नाम पर भी रकम ली गई।

करीब ढाई साल बाद भी न तो महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिला और न ही उनकी रकम वापस की गई। महिलाओं से करीब 34 से 35 फॉर्म भरवाए हरड़फतेहपुर निवासी ममता पत्नी सत्यवान ने 8 अक्टूबर को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह स्वयं सहायता समूह की सखी हैं। उनके अनुसार, करीब तीन साल पहले सचिन और पटवारी नाम के व्यक्ति गांव में आए थे।

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर लाभ दिलाने के लिए आवेदन कराने की बात कही। इसके बाद प्रति फॉर्म 2,140 रुपये लिए गए। ममता का दावा है कि उन्होंने समूह की महिलाओं के करीब 34 से 35 फॉर्म भरवाए। ममता के मुताबिक, उन्होंने भाजू गांव की सोनिया पत्नी अनिल को भी योजनाओं के बारे में बताया।

आरोप है कि वहां भी करीब 40 से 50 महिलाओं से फॉर्म के नाम पर रकम ली गई। बाद में जब महिलाएं अपने पैसे मांगने लगीं तो उन्होंने तालिब पुत्र अब्दुल गफ्फार, निवासी झिंझाना, से संपर्क किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ दिन बाद तालिब तीन अन्य लोगों के साथ बोलेरो गाड़ी से गांव पहुंचा। गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा हुआ था।

आरोप है कि इन लोगों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए निरीक्षण के नाम पर रकम ली। ममता ने हरड़फतेहपुर और भाजू गांव से कुल करीब 15 लाख रुपये लिए जाने का आरोप लगाया है। 65 महिलाओं से रकम लेने का आरोप भाजू निवासी सोनिया ने अपनी शिकायत में बताया कि वह राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह सखी हैं।

उनके अनुसार, तालिब ने गांव में विधवा और आवास योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि करीब 65 महिलाओं से विधवा योजना की फाइल के लिए 4,000 रुपये और आवास योजना की फाइल के लिए 5,000 रुपये लिए गए। सोनिया का आरोप है कि करीब तीन महीने बाद फोन कर बताया गया कि आवेदन स्वीकृत हो गए हैं और निरीक्षण के लिए टीम आएगी।

इसके बाद प्रति फाइल 5,000 रुपये निरीक्षण टीम और अधिकारियों के कार्यालय के नाम पर मांगे गए। शिकायत के अनुसार, बाद में तालिब तीन अन्य लोगों के साथ गांव पहुंचा और निरीक्षण के नाम पर रकम एकत्र कर ले गया। सोनिया का कहना है कि महिलाओं को आवास और विधवा योजना के तहत करीब 3.20 लाख रुपये तक का लाभ मिलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी किसी को योजना का लाभ नहीं मिला।

अब महिलाएं अपने पैसे वापस मांग रही हैं और उनसे लगातार जवाब मांग रही हैं। महिलाओं ने कार्रवाई की मांग की दोनों शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की है। सोनिया ने शिकायत में आर्थिक दबाव के कारण परेशान होने की बात भी कही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

इस घोटाले से हमें यह सिखने को मिलता है कि किसी भी सरकारी योजना के लाभ के लिए दस्तावेज़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा अनिवार्य है। जब धोखाधड़ी का सामना हो तो तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचना दें और कानूनी मार्ग अपनाएँ। समाज के हर वर्ग को जागरूक करना चाहिए कि योजनाओं के लाभ का सही उपयोग कैसे करें और किसी भी अवैध लाभ के लिए दंड की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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