दो महीने से सलाखों के पीछे हैं टीवी एक्टर रोहित चंदेल, क्यों नहीं मिल पा रही बेल?
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
रोहित चंदेल को 9 जुलाई 2026 की रात को अरेस्ट किया गया था. उस दौरान वे सीरियल सैराब के सेट पर शूटिंग कर रहे थे. रोहित को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए हुए लगभग दो महीने होने वाले हैं मगर अभी भी वह सलाखों के पीछे हैं. घाटकोपर पुलिस स्टेशन ने POCSO एक्ट के तहत रोहित चंदेल को अरेस्ट किया था.
जानकर हैरानी होगी कि पुलिस और मेडिकल टेस्ट के डॉक्टर से रोहित चंदेल के मामले में कई गलतियां हुई हैं. हैरान करने वाली बात है कि कलाकार रोहित चंदेल जिन्हें घाटकोपर पुलिस ने सीरियल सैराब के सेट से शूटिंग के दौरान अरेस्ट किया गया था उन्हें पुलिस डायरी में कलाकार की जगह बिजनेसमेन बताया गया हैं.
इतना ही नहीं आगे भी इस तरह की गलतियां हुई हैं जिसके कारण रोहित चंदेल की पहली बेल रिजेक्ट हुई थी. रोहित चंदेल का धर्म भी चार्जशीट में लिखा गया है गलत
चार्जशीट पर रोहित चंदेल का धर्म मुस्लिम लिखा गया था हालाकि 10 जुलाई को अरेस्ट फॉर्म पर हिंदू राजपूत बराबर लिखा गया था. पुलिस के बाद अब मेडिकल एग्जामिनेशन करने वाले डॉक्टर्स ने भी खूब गलतियां की हैं. बता दें कि रोहित चंदेल का 27 जुलाई 2026 को मेडिकल टेस्ट करवाया गया था.
रिपोर्ट में जो कॉलम है शादी शुदा या गैर शादी शुदा का उसमें रोहित को शादी शुदा बताया गया था. जिसके कारण कोर्ट ने ये नोट किया और रोहित चंदेल की बेल को रिजेक्ट कर दिया. इधर रोहित चंदेल अपने बयान में कह चुके हैं की वो अकेले घर में रहते हैं.
उनकी बहन शादी शुदा है और उनका भाई मोहित चंदेल माता पिता के साथ रहता हैय तो भाल फिर इतनी बड़ी गलती कैसे हो सकती है. रोहित चंदेल के पासपोर्ट पर भी सिंगल ही लिखा हुआ है. ये भी पढ़ें:-'मिर्जापुर द मूवी' करेगी रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग? जानें- बॉक्स ऑफिस प्रीडिक्शन रोहित चंदेल की वकील ने क्या कहा?
इस मामले को लेकर रोहित चंदेल की वकील स्वीना बेदी सच्चर से एबीपी की एक्सक्लूसिव बात चीत हुई जहां हन्होंने बताया कि "ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति का विवाहित या अविवाहित होना महज एक सामान्य व्यक्तिगत विवरण नहीं होता, बल्कि जब यही जानकारी पुलिस डायरी का हिस्सा बन जाती है और न्यायिक कार्यवाही में उस पर विचार किया जाता है, तो उसका विशेष महत्व हो जाता है.
मेरे मुवक्किल रोहित चंदेल को मेडिकल अधिकारी और पुलिस द्वारा गलत तरीके से ‘विवाहित’ दर्ज किया गया, जबकि वे अविवाहित हैं. इस गलत तरीके से दर्ज की गई जानकारी का असर मेरे मुवक्किल रोहित चंदेल पर पड़ा है और उनकी जमानत की कार्यवाही पर भी इसका प्रभाव पड़ा है.
परिणामस्वरूप रोहित के काम के अवसर और आजीविका प्रभावित हुई तथा उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है. जांच एजेंसी की ऐसी गलती का प्रतिकूल प्रभाव उस व्यक्ति पर नहीं पड़ना चाहिए जो अभी विचारण का सामना कर रहा है.” रोहित चंदेल की बेल पर कब होगी सुनवाई?
इन्हीं लापरवाही के कारण रोहित चंदेल को POCSO के मामले में पहली दफ़ा बेल नहीं मिल पाई थी. अब ऐसे में भला किस को दोषी माना जाए. हमारा कानून भी यही मानता है कि सौ दोषी छूट जाएं पर एक निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए.
रोहित चंदेल के केस में इतनी बड़ी लापरवाही ने सिर्फ कानून को ही नहीं शर्मिंदा किया बल्कि कई सवालिया निशान भी खड़ा कर दिया है कर दिए. लेकिन एक बार फिर उम्मीद हैं कि 4 सितंबर को हो सकता है कि माननीय न्यायालय से उन्हें बेल मिल जाए.
ये भी पढ़ें:-'टॉक्सिक' ने ओपनिंग वीक पर किया कमाल, 'धुरंधर' से 'छावा' तक इन 10 फिल्मों को चटाई घूल
📡 स्रोत: NewsData.io