खेल

माई भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत युवाओं की संख्या 3 करोड़ से अधिक हुई

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
माई भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत युवाओं की संख्या 3 करोड़ से अधिक हुई

रायपुर, 23 सितंबर 2026

माई भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत युवाओं की संख्या तीन करोड़ से अधिक हो गई है। वर्ष 2023 में शुरू किए गए इस प्लेटफॉर्म पर युवाओं की बढ़ती भागीदारी देखने को मिल रही है। इसके माध्यम से युवा सीखने, स्वयंसेवा, नेतृत्व, नागरिक भागीदारी और युवा-केंद्रित गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग के अंतर्गत संचालित माई भारत, देश के युवाओं को सीखने, नेतृत्व करने और समाज की सेवा से जोड़ने वाला राष्ट्रीय मंच है। इसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि पिछले वर्ष अक्तूबर में इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की संख्या दो करोड़ से अधिक हो गई थी। इस वर्ष अगस्त तक यह संख्या बढ़कर दो करोड़ 46 लाख से अधिक हो गई थी। अब यह तीन करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।

माई भारत के माध्यम से युवा अनुभव आधारित सीखने के कार्यक्रमों, स्वयंसेवा के अवसरों, क्विज, नेतृत्व गतिविधियों, युवा संवाद और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं। मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष अगस्त तक एक लाख 22 हजार से अधिक युवाओं ने करीब 25 हजार अनुभव आधारित सीखने के कार्यक्रमों में पंजीकरण कराया था। इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को कक्षा से बाहर व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के अवसर मिलते हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

माई भारत एक डिजिटल मंच है, जिसे 2023 में युवाओं के लिए शिक्षा, स्वयंसेवा, नेतृत्व और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु शुरू किया गया। यह प्लेटफॉर्म युवाओं को विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में भाग लेने का अवसर देता है। इस खबर का महत्व यह है कि पंजीकृत युवाओं की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो गई है, जो सरकार के युवा सशक्तिकरण के प्रयासों की सफलता दर्शाती है। ऐसे बड़े पैमाने पर जुड़ाव से समाज में नवाचार, रोजगार सृजन और सामाजिक समावेशन की दिशा में सकारात्मक बदलाव संभव है। नागरिकों को डिजिटल साक्षरत

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।