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मैदान नहीं मिला तो डेढ़ बीघा जमीन पर किया प्रैक्टिस:न स्टेडियम मिला, न अच्छे जूते; फिर भी सोनाडीह की बेटियां बनीं राज्य स्तरीय उपविजेता

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मैदान नहीं मिला तो डेढ़ बीघा जमीन पर किया प्रैक्टिस:न स्टेडियम मिला, न अच्छे जूते; फिर भी सोनाडीह की बेटियां बनीं राज्य स्तरीय उपविजेता

बलिया के बेल्थरा रोड की सोनाडीह गांव की बेटियों ने सुविधाओं के अभाव के बावजूद राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में उपविजेता बनकर जिले का नाम रोशन किया है। न अपना स्टेडियम, न बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा और न ही आर्थिक रूप से मजबूत संसाधन। कई खिलाड़ियों के लिए फुटबॉल के जूते और पौष्टिक आहार के लिए दूध-फल जुटाना तक चुनौती है। इसके बावजूद मेहनत और जुनून के दम पर इन बेटियों ने फाइनल तक का सफर तय किया। मंगलवार को इंटरसिटी एक्सप्रेस से उपविजेता बनकर बेल्थरा रोड पहुंचीं खिलाड़ियों का नगर में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अमेठी के डॉ. बीआर स्पोर्ट्स स्टेडियम में 10 से 17 अगस्त तक जूनियर प्रदेशीय बालिका फुटबॉल स्टेट चैंपियनशिप आयोजित हुई। इसमें सीयर ब्लॉक के सोनाडीह गांव की सलोनी, सुनैना, नीति, मंजू, आराध्या, संजना, ब्यूटी, संजनी, सुधा और रिया ने हिस्सा लिया। टीम ने देवीपाटन मंडल गोंडा को 17-0, मेरठ को 9-1, अयोध्या को 6-0, लखनऊ को 4-0 और आगरा को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में प्रयागराज से 0-2 से हारकर टीम उपविजेता रही। डेढ़ बीघा खेत बना फुटबॉल का मैदान सोनाडीह में खेल के लिए स्टेडियम या पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण देने वाले कोच राम प्रकाश यादव ने बताया कि उन्होंने अपनी और कुछ सामाजिक लोगों की मदद से चंदा जुटाया। इसी से अपनी करीब डेढ़ बीघा जमीन पर खिलाड़ियों को फुटबॉल का अभ्यास कराते हैं। सीमित संसाधनों के बीच यही खेत इन बेटियों के लिए प्रशिक्षण मैदान बना हुआ है। जूते और दूध-फल जुटाना भी परिवारों के लिए मुश्किल कोच के अनुसार कई खिलाड़ियों के पास फुटबॉल खेलने के लिए जरूरी जूते खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। पौष्टिक आहार के लिए दूध और फल जुटाना भी उनके परिवारों के लिए आसान नहीं है। इसके बावजूद खिलाड़ी नियमित अभ्यास करती हैं और लगातार बड़े टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। संसाधनों की कमी के बीच मिली यह सफलता खिलाड़ियों के हौसले को और मजबूत करने वाली है। स्टेशन पर माल्यार्पण कर किया गया स्वागत मंगलवार को इंटरसिटी एक्सप्रेस से बेल्थरा रोड पहुंचने पर खिलाड़ियों के स्वागत में लोग स्टेशन पर जुटे। एमके आईटीआई के प्रबंधक असलम राही, सभासद एवं सामाजिक कार्यकर्ता निलेश दीपू, राममनोहर गांधी, अमित जायसवाल, चंद्रभूषण उर्फ पिक्की वर्मा, संदीप जायसवाल, मंटू मल्ल, मृत्युंजय गुप्ता, नंदलाल यादव और मंजीत कुमार ने खिलाड़ियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। लोगों ने बेटियों की हौसला अफजाई करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राज्य स्तरीय फाइनल तक पहुंची इन बेटियों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा को मौका और हौसला मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता की राह नहीं रोक सकती। अब जरूरत है कि इन्हें बेहतर मैदान, खेल सामग्री, जूते, पौष्टिक आहार और नियमित प्रशिक्षण की सुविधाएं मिलें, ताकि अगली बार सोनाडीह की ये बेटियां उपविजेता नहीं बल्कि चैंपियन बनकर लौटें।

📡 स्रोत: NewsData.io

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